मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब में 4 साल में ₹1.89 लाख करोड़ का निवेश, 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार की संभावना सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप, केजरीवाल ने मांगी गिरफ्तारी SIR पर विपक्ष को CM योगी का जवाब, बोले- भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे LPU में बवाल के बाद FIR दर्ज, छात्रों ने रखीं कई मांगें; महिला SI नवजोत कौर को मिली जांच की जिम्मेदारी ‘सैफई से सीख लेते तो गोरखपुर न डूब रहा होता’, अखिलेश यादव का CM योगी पर हमला साबरमती से दौड़ी देश की पहली LNG ट्रेन, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी काला जादू से घट रही हाइट! 165 से 158 सेंटीमीटर हुई लंबाई, युवक ने कलेक्टर से लगाई गुहार UP International Trade Show का आगाज, अमित शाह-योगी ने दिखाई यूपी के हुनर की ग्लोबल ताकत योगी सरकार का बड़ा ग्लोबल दांव, UPITS 2026 में 85 देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे यूपी के उद्यमी पंजाब में ED रेड पर सियासी संग्राम, सिसोदिया बोले- छापेमारी में कुछ नहीं मिलने वाला

मुख्यमंत्री योगी ने कर्मचारियों को दी बड़ी राहत, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम बनाने का आदेश दिया

मुख्यमंत्री योगी ने कर्मचारियों को दी बड़ी राहत, यूपी आउटसोर्स सेवा निगम बनाने का आदेश दिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतन, और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ (UPCOS) के गठन के आदेश दिए हैं, जिससे इन कर्मचारियों को बेहतर अधिकार और सुविधाएं मिल सकें।

एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के योगदान को सराहती है और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आ रही हैं, जैसे वेतन में कटौती, समय से वेतन न मिलना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ न मिल पाना, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और उत्पीड़न की शिकायतें।

मुख्यमंत्री ने इस पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता जताई। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी कर्मचारी सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा तब तक नहीं हटाया जाए जब तक संबंधित विभाग के अधिकृत अधिकारी की स्वीकृति न मिल जाए।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक उनका पूरा वेतन सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराया जाए। साथ ही, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की राशि भी समय से जमा हो। अगर कोई एजेंसी नियमों का उल्लंघन करती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाए, उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम के गठन में सभी जरूरी प्रावधान स्पष्ट रूप से शामिल किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि निगम के माध्यम से की जाने वाली सभी नियुक्तियों में आरक्षण संबंधी नियमों का पालन हो और कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा, मातृत्व अवकाश, दुर्घटना बीमा, पेंशन और पारिवारिक पेंशन जैसी सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।

Share
अगला लेख → अब ज्यादा वेतन और लंबी नौकरी, योगी सरकार ने संस्कृत विद्यालय…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *