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अंसल ग्रुप के दफ्तरों पर ईडी की छापेमारी, लखनऊ और गाजियाबाद सहित सात स्थानों पर कार्रवाई

अंसल ग्रुप के दफ्तरों पर ईडी की छापेमारी, लखनऊ और गाजियाबाद सहित सात स्थानों पर कार्रवाई

रियल एस्टेट कंपनी अंसल एपीआई के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के लखनऊ, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा स्थित कई स्थानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई यूपी रेरा की रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें 6 अरब रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है।

यह छापेमारी आयकर विभाग द्वारा अंसल ग्रुप के विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे जाने के बाद हुई है। लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अंसल के कार्यालय और निदेशकों के आवासों पर आयकर विभाग ने भारी टैक्स अनियमितताएँ पाई थीं।

रेरा की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि अंसल एपीआई ने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से जुटाई गई बड़ी रकम का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 अरब रुपये से अधिक की राशि अन्य स्थानों पर भेज दी गई। इसके अलावा, कंपनी पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी, सरकारी भूमि की अवैध बिक्री और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अंसल ग्रुप के प्रमुख अधिकारियों प्रणव अंसल और सुशील अंसल पर इन आरोपों के कारण कई कानूनी कार्रवाइयाँ चल रही हैं। लखनऊ में कंपनी के खिलाफ अब तक 65 से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, कंपनी को दिवालिया घोषित कर एनसीएलटी में कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) भी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उठाया था और अंसल ग्रुप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की थी। उन्होंने कहा था कि यदि किसी भी खरीदार के साथ धोखाधड़ी हुई है, तो कंपनी की सारी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

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