मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

CBI का ताबड़तोड़ एक्शन: बेंगलुरु में घोटाले की जड़ तक पहुंची जांच, नेताओं के करीबियों की कुंडली खुली

CBI का ताबड़तोड़ एक्शन: बेंगलुरु में घोटाले की जड़ तक पहुंची जांच, नेताओं के करीबियों की कुंडली खुली

कर्नाटक में एक बड़े वित्तीय घोटाले की जांच करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के कुल 16 स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से जुड़े करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में की गई है। आरोप है कि सरकारी फंड को नेताओं के रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में ट्रांसफर कर उसका दुरुपयोग किया गया।

CBI को यह मामला तब मिला जब यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के DGM ने 3 जून 2024 को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि वाल्मीकि कॉर्पोरेशन के खातों से ₹84.63 करोड़ रुपये गलत तरीके से निकाले गए। यह पूरा ट्रांजेक्शन 21 फरवरी से 6 मई 2024 के बीच किया गया। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों और गड़बड़ी वाले तरीकों से रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया।

इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी गंभीरता दिखाई है। विधायक बसनगौड़ा आर. पाटिल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने CBI को जांच तेज करने और समय-समय पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। अब तक कोर्ट में चार रिपोर्ट पेश की जा चुकी हैं और कोर्ट स्वयं इस मामले पर निगरानी बनाए हुए है।

जांच में यह भी सामने आया कि केवल वाल्मीकि कॉर्पोरेशन ही नहीं, बल्कि एसटी वेलफेयर डिपार्टमेंट और कर्नाटक जर्मन टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (KGTTI) की फंडिंग में भी भारी गड़बड़ी की गई।

एसटी वेलफेयर डिपार्टमेंट का मामला:

यहां से ₹2.17 करोड़ रुपये बैंक ऑफ बड़ौदासिद्धैया रोडबेंगलुरु से निकाले गए। यह रकम कुछ निजी कंपनियों जैसे M/s SKR Infrastructure और M/s Golden Establishment के जरिए होकर M/s Dhanalaxmi Enterprises के खाते में पहुंची। यह कंपनी मंत्री बी. नागेंद्र के करीबी नेक्कंती नगराज से जुड़ी है। इसमें से लगभग ₹1.20 करोड़ रुपये मंत्री की बहन, बहनोई और निजी सहायक के खातों में ट्रांसफर किए गए।

KGTTI का मामला:

यहां से ₹64 लाख रुपये कैनरा बैंकविल्सन गार्डन शाखा से निकाले गए। ये पैसे M/s Sadguru Education TrustM/s Sadguru Solutions, फिर M/s Skillpoint Training और उसके बाद M/s Style Machine के खातों से होते हुए एन. रविकुमार (नेक्कंती नगराज के भाई) और एन. यशवंत चौधरी (भतीजा) तक पहुंचाए गए।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI की यह जांच साफ तौर पर दिखाती है कि सरकारी योजनाओं के पैसे को नेताओं और उनके परिवारों के निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। कोर्ट ने CBI को स्वतंत्र और गहराई से जांच करने की पूरी अनुमति दे दी है।

CBI की छापेमारी अभी जारी है और सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर चुका है और अब सभी की नजरें CBI की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Share This
अगला लेख → Kanya Sankranti 2025: शुरू होंगे इन 4 राशियों के अच्छे दिन, …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
24°C
Patchy rain nearby
💧 93% 💨 4 km/h
Dehradun