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टीटीपी के खिलाफ पाकिस्तान की सख्त कार्रवाई, मुठभेड़ में 31 आतंकवादी ढेर, सेना ने बढ़ाई सुरक्षा कार्रवाई l

टीटीपी के खिलाफ पाकिस्तान की सख्त कार्रवाई, मुठभेड़ में 31 आतंकवादी ढेर, सेना ने बढ़ाई सुरक्षा कार्रवाई l

पाकिस्तान में सुरक्षा बलों ने आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ अहम कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में 31 आतंकवादियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई अफगानिस्तान की सीमा के पास दो अलग-अलग क्षेत्रों में की गई जहां टीटीपी के आतंकवादी सक्रिय थे।

पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के बयान के अनुसार, बन्नू क्षेत्र में एक अभियान के दौरान तकरीबन 17 आतंकवादी हताहत हुए। इसके अलावा, दक्षिण वजीरिस्तान के बादर फकीर सराय इलाके में भी सैनिकों ने आतंकवादियों के अड्डे पर हमला किया, जिसमें 13 आतंकवादी मारे गए। वहीं, इस मुठभेड़ में 12 सेना के जवान शहीद हुए।

इससे पहले शनिवार को आईएसपीआर ने बताया था कि 10 से 13 सितंबर के बीच आयोजित सुरक्षा अभियान में कुल 45 आतंकवादी मारे गए हैं, जिसमें यह नवीनतम मुठभेड़ शामिल है। यह हमले टीटीपी की बढ़ती सक्रियता और उसका इलाके में बढ़ता प्रभाव दर्शाते हैं।

पाकिस्तान सरकार आरोप लगाती है कि अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन टीटीपी को सुरक्षित ठिकाना प्रदान करता है, जिससे यह संगठन पाकिस्तान में हमले करने में सक्षम हो पाता है। इसके साथ ही पाकिस्तान भारत पर भी आतंकवादियों को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है, जिसे दिल्ली और काबुल दोनों ने खारिज किया है।

हाल के वर्षों में टीटीपी की हिंसक गतिविधियों में तेज़ी आई है, खासकर क़रीबी इलाक़ों और सीमा क्षेत्रों में। पाकिस्तान की सेना ने मजबूती से जवाबी कार्रवाइयां शुरू कर रखी हैं, जिसमें एयर सपोर्ट और हेलीकॉप्टर से सर्च अभियान भी शामिल हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि टीटीपी के साथ संघर्ष पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्थिरता बनाए रखने के लिए पाकिस्तान को सैन्य, खुफिया और कूटनीतिक स्तर पर रणनीति को सुदृढ़ करना होगा। क़रीबी सहयोगी देशों के साथ तालमेल भी इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाएगा।

इस पूरे मामले ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव डाला है और कई अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमावर्ती सुरक्षा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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