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संजय निषाद और ओपी राजभर के सपा में आने की अटकलों पर धर्मेंद्र यादव का बड़ा बयान, यूपी चुनाव 2027 से पहले साफ हो सकती है तस्वीर l

संजय निषाद और ओपी राजभर के सपा में आने की अटकलों पर धर्मेंद्र यादव का बड़ा बयान, यूपी चुनाव 2027 से पहले साफ हो सकती है तस्वीर l

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बनने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। इस बीच राज्य सरकार के मंत्री संजय निषाद और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने बड़ा बयान देकर तस्वीर साफ कर दी है।

धर्मेंद्र यादव ने आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का दरवाजा उन सभी नेताओं के लिए खुला है जो भाजपा की नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से असहमत हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता ही प्रदेश से भाजपा को सत्ता से बाहर करने का सबसे मजबूत रास्ता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक संजय निषाद या ओम प्रकाश राजभर के सपा में शामिल होने को लेकर कोई औपचारिक बातचीत या निर्णय नहीं हुआ है।

धर्मेंद्र यादव ने कहा, “हमारी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, किसानों, युवाओं और गरीबों की आवाज़ उठाती रही है। अगर कोई भी नेता बीजेपी का साथ छोड़कर आना चाहेगा, तो स्वागत होगा। लेकिन कब और कैसे होगा, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व लेगा।”

हाल फिलहाल संजय निषाद और ओपी राजभर भाजपा के समर्थन में दिखाई देते हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दोनों नेताओं की नाराजगी और समीकरण बदलने के संकेत समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ओपी राजभर का अतीत भी सपा के साथ गठबंधन का रहा है, वहीं निषाद पार्टी और भाजपा के बीच संबंधों में भी कई बार खटास दिख चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछड़े वर्ग और मछुआरा समाज में पकड़ रखने वाले संजय निषाद और पूर्वांचल में मजबूत राजनीतिक आधार वाले ओपी राजभर अगर भविष्य में सपा के साथ आते हैं, तो यह भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। दोनों नेताओं की ताकत समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में जोड़कर 2027 के चुनाव में सपा की दावेदारी को और मजबूत कर सकती है।

इस बीच भाजपा ने ऐसे किसी भी अटकल को खारिज करते हुए दावा किया है कि संजय निषाद और ओपी राजभर दोनों ही एनडीए के हिस्से हैं और आगामी चुनावों में गठबंधन को मजबूत करेंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष सपा-केंद्रित गठबंधन को बड़ा दिखाने के लिए ऐसी अफवाहें फैला रहा है।

कुल मिलाकर, धर्मेंद्र यादव के बयान ने यह साफ कर दिया है कि संजय निषाद और ओपी राजभर की सपा में एंट्री को लेकर कोई औपचारिक बात नहीं हुई है। लेकिन 2027 के चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक हालात में समीकरण किस ओर रुख करेंगे, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

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