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वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण विवाद पर स्थानीय नाराज़गी के बीच PWD का बड़ा फैसला, बदल सकती है पूरी योजना l

वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण विवाद पर स्थानीय नाराज़गी के बीच PWD का बड़ा फैसला, बदल सकती है पूरी योजना l

वाराणसी के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में शामिल दालमंडी सड़क चौड़ीकरण योजना लंबे समय से चर्चा और विरोध का विषय बनी हुई थी। ऐतिहासिक गलियों और दुकानों को हटाने की संभावना से स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही थी। इस बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ा कदम उठाते हुए योजना की दिशा बदलने का निर्णय लिया है।

दालमंडी वाराणसी का प्रमुख बाजार है, जहां रेशमी वस्त्रों से लेकर क़ीमती जरी-ज़रदोज़ी के कारोबार तक सदियों से फल-फूल रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कई पुराने मकानों और दुकानों पर बुलडोज़र चलने की आशंका जताई जा रही थी। इसको लेकर बीते हफ़्ते व्यापारियों ने बार-बार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। लोगों का कहना था कि योजना लागू होने से सैकड़ों परिवारों का रोजगार प्रभावित होगा और वाराणसी की परंपरागत पहचान को नुकसान पहुंचेगा।

स्थानीय निवासियों की नाराज़गी और विरोध को देखते हुए PWD ने फिलहाल बुलडोज़र चलाने या ज़बरन कार्रवाई की बजाय वैकल्पिक समाधान तलाशने का फैसला किया है। विभाग ने साफ किया है कि मौजूदा स्वरूप में जहां-जहां ऐतिहासिक धरोहर और भीड़-भाड़ वाले इलाके हैं, वहां सीधे चौड़ीकरण की बजाय स्मार्ट रोड मैनेजमेंट और वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की दिशा में काम होगा।

PWD अधिकारियों ने कहा कि अब योजना में प्रवेश और निकासी के लिए बैक-लेन व्यवस्था, पार्किंग जोन, ट्रैफ़िक सिग्नल समन्वय और एकतरफा मार्ग प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि व्यापारियों पर कम से कम असर पड़े।

जिला प्रशासन ने भी कहा है कि बिना स्थानीय जनता को विश्वास में लिए आगे कोई भी विध्वंसक निर्णय नहीं लिया जाएगा। नगर प्रशासन और PWD ने जल्द ही व्यापारियों, गली समितियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक बुलाने की घोषणा की है।

कई व्यापारियों ने इसे संतोषजनक कदम बताया है और कहा है कि यदि वैकल्पिक समाधान निकलता है तो उनकी रोज़ी-रोटी सुरक्षित रहेगी।

कुछ निवासियों ने आशंका जताई कि योजनाएं अक्सर कागजों पर बदल दी जाती हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई कठोर रूप में होती है, इसलिए अब वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि लिखित गारंटी चाहते हैं।

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण का यह मामला प्रशासन और जनता के बीच संतुलन खोजने की परीक्षा बन गया है। अब देखने वाली बात होगी कि PWD के वैकल्पिक सुझाव न केवल ट्रैफ़िक जाम की समस्या कम करते हैं, बल्कि पुरातन बाज़ार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित रखते हैं या नहीं।

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