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इजराइल के हमलों से बचे हमास के लिए अब नई मुसीबत, अपने ही लोगों ने उठाए हथियार

इजराइल के हमलों से बचे हमास के लिए अब नई मुसीबत, अपने ही लोगों ने उठाए हथियार

इजरायल की बमबारी के बाद फिलहाल हमास को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन गाजा के भीतर ही अब हमास के लिए एक नई बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई प्रभावशाली कबीले और सशस्त्र समूह हमास के खिलाफ खड़े हो गए हैं और गाजा के अलग-अलग इलाकों में हमास और इन कबीलों के बीच भीषण झड़पें शुरू हो चुकी हैं।

विशेष रूप से गाजा सिटी के तेल अल-हावा इलाके में हमास की सुरक्षा इकाइयों और डोगमूश नामक शक्तिशाली कबीले के बीच खूनी टकराव हुआ है। यह झड़प इतनी गंभीर रही कि अब तक 27 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से 19 कबीले के सदस्य और 8 हमास के शाही लड़ाके शामिल हैं। यह आंतरिक संघर्ष गाजा में इजरायल के बमबारी अभियान रुकने के बाद से अब तक की सबसे बड़ी हिंसा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमास के करीब 300 लड़ाके डोगमूश कबीले के छिपे हुए सदस्यों के खिलाफ घेराबंदी और फायरिंग कर रहे हैं। एक वरिष्ठ हमास अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने कबीले के सदस्यों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और इसका मकसद गाजा में संगठनात्मक नियंत्रण बनाए रखना है।

इस संघर्ष के पीछे राजनीतिक और सामरिक वर्चस्व की लड़ाई जमी हुई है, क्योंकि डोगमूश कबीले का हमास के साथ पुराना तनाव रहा है। डोगमूश के नेताओं ने कहा है कि हमास उनके इलाकों पर कब्जा करने के लिए आक्रमण कर रहा है, जबकि हमास इस पूरे अभियान को अपने शासन को मजबूत करने की रणनीति मानता है।

विश्लेषकों के अनुसार, हमास अब दो साल तक चले इजरायल के साथ युद्ध के बाद अपने अंदर की विद्रोहियों को नियंत्रित करने और शक्ति का प्रदर्शन करने में लगा है। गाजा में इस नई जंग ने वहां के आम लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं, जहां पहले से ही बर्बाद हुई इन्फ्रास्ट्रक्चर, भारी भुखमरी और सीमित मानवीय सहायता की स्थिति है।

गाजा की आंतरिक लड़ाई से खतरा यह है कि यह संघर्ष सत्ता संघर्ष से ज्यादा बढ़कर गृह युद्ध का रूप ले सकता है, जो पहले से जकड़े हुए क्षेत्र के लिए भारी चुनौती साबित होगा। इसके साथ ही यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों के लिए भी एक बड़ा खतरा हो सकता है।

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