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जबरिया रिटायर IPS अमिताभ ठाकुर फिर सुर्खियों में, देवरिया फ़्रॉड केस में ट्रेन से गिरफ्तार

जबरिया रिटायर IPS अमिताभ ठाकुर फिर सुर्खियों में, देवरिया फ़्रॉड केस में ट्रेन से गिरफ्तार

ट्रेन से सफर करते समय अचानक हुई गिरफ्तारी ने एक बार फिर पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सुर्खियों में ला दिया है। खुद को “जबरिया रिटायर आईपीएस” कहने वाले अमिताभ ठाकुर उन अधिकारियों में से रहे हैं, जो हर सरकार से टकराने के लिए जाने जाते हैं। चाहे सूबे में मुलायम सिंह यादव की सरकार रही हो, अखिलेश यादव का कार्यकाल हो या मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार—अमिताभ ठाकुर हमेशा मुखर और विवादों के केंद्र में रहे हैं।

उनकी ताज़ा गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि न तो उनके परिवार को इसकी सूचना दी गई और न ही उनकी पत्नी को। अचानक संपर्क टूटने के कारण सोशल मीडिया पर उनके लापता या किडनैप होने की अफवाहें फैलने लगीं। बाद में लखनऊ पुलिस ने सामने आकर स्पष्ट किया कि उन्हें एक पुराने मामले में हिरासत में लिया गया है।

आरोपों के मुताबिक, वर्ष 1999 में देवरिया के एसपी रहते हुए अमिताभ ठाकुर ने अपने पद का दुरुपयोग किया और देवरिया उद्योग केंद्र से एक औद्योगिक प्लॉट का आवंटन करवाया। पुलिस का दावा है कि प्लॉट आवंटन में अनियमितताएँ थीं और इसमें उनकी पत्नी नूतन ठाकुर का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि दोनों ने प्लॉट की खरीद-बिक्री में सरकारी विभागों को गुमराह करने के लिए नाम और पता बदलकर धोखाधड़ी की। यही मामला अब उनकी गिरफ्तारी की वजह बना है। इस संबंध में लखनऊ के तालकटोरा थाने में एफआईआर दर्ज है।

यह पहला मौका नहीं है जब अमिताभ ठाकुर पर कार्रवाई हुई हो। वर्ष 2021 में भी उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। अपने तेवर और सिस्टम से भिड़ने के इतिहास के कारण अमिताभ ठाकुर लगातार चर्चा में बने रहते हैं, और अब देवरिया के इस फ्रॉड केस ने उन्हें एक बार फिर विवादों के केंद्र में ला दिया है।

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