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बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था चरमराई, हादी की मौत के बाद मीडिया दफ्तरों में आगजनी

बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था चरमराई, हादी की मौत के बाद मीडिया दफ्तरों में आगजनी

कट्टरपंथी संगठन इंकलाब मंच के प्रवक्ता और नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। सिंगापुर के एक अस्पताल में छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद हादी ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया गया।

हादी की मौत की आधिकारिक पुष्टि गुरुवार रात बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम संबोधन में की। इसके कुछ ही देर बाद इंकलाब मंच ने भी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए इस खबर की पुष्टि की, जिसके बाद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।

जानकारी के अनुसार, शरीफ उस्मान हादी फरवरी में होने वाले चुनावों में ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से संभावित निर्दलीय उम्मीदवार थे। उन्हें 12 दिसंबर को ढाका के बिजोयनगर इलाके में उस समय गोली मारी गई, जब वे बॉक्स कल्वर्ट क्षेत्र में रिक्शा से जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने सबके सामने हादी के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल हादी को पहले ढाका के एवर केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने के कारण सोमवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। उनकी मौत की खबर फैलते ही ढाका में तनाव और हिंसा का दौर शुरू हो गया।

हादी की मौत के कुछ घंटों बाद ही शुक्रवार सुबह गुस्साई भीड़ ने ढाका के कारवां बाजार इलाके में स्थित बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार की बिल्डिंग में आग लगा दी। आग बुझाने के लिए छह फायर ब्रिगेड यूनिट मौके पर भेजी गईं। इस दौरान कई पत्रकार और कर्मचारी इमारत के अंदर फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थिति को काबू में करने के लिए इलाके में बांग्लादेश सेना के जवानों को तैनात करना पड़ा।

इसी तरह की एक अन्य घटना में प्रदर्शनकारियों का एक समूह शाहबाग से मार्च करता हुआ कारवां बाजार पहुंचा और बांग्लादेशी दैनिक प्रोथोम आलो के दफ्तर को घेर लिया। पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन हालात पर काबू नहीं पा सकी। प्रदर्शनकारियों ने लाठियों और लोहे की रॉड से तोड़फोड़ की, दफ्तर की कई खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और फर्नीचर व जरूरी दस्तावेज सड़क पर फेंककर आग लगा दी। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, बढ़ते तनाव के कारण कई पत्रकार और कर्मचारी अब भी दफ्तर के अंदर फंसे रहे।

इस बीच नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) की छात्र शाखा जातीय छात्र शक्ति ने भी ढाका में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम सरकार के गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी का पुतला जलाया और हादी पर हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी में नाकामी को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने देश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।

जातीय छात्र शक्ति के अध्यक्ष जाहिद अहसान के हवाले से कहा गया कि मौजूदा गृह सलाहकार इस पद के योग्य नहीं हैं और उनसे किसी कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है। उनका कहना था कि बांग्लादेश में सार्वजनिक सुरक्षा की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

कुल मिलाकर, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में बांग्लादेश में हिंसा और अस्थिरता में खतरनाक बढ़ोतरी देखी जा रही है। शरीफ उस्मान हादी की मौत अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट का रूप ले चुकी है, जिसने देश की कानून-व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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