मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों के मुताबिक बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी

चीन पर भारत की चाल बदली? अमेरिका में मची हलचल, USCC करेगा सुनवाई

चीन पर भारत की चाल बदली? अमेरिका में मची हलचल, USCC करेगा सुनवाई

पिछले एक दशक से अमेरिका भारत को चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक अहम रणनीतिक संतुलनकारी शक्ति के रूप में देखता रहा है, लेकिन हाल के महीनों में इस समीकरण में कुछ नए सवाल भी खड़े हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग (USCC) ने घोषणा की है कि वह भारत के अमेरिका और चीन के साथ बदलते रणनीतिक रिश्तों पर एक अहम सुनवाई आयोजित करने जा रहा है।

यह सुनवाई 17 फरवरी को होगी और यह 2026 रिपोर्टिंग साइकिल की पहली सार्वजनिक सुनवाई होगी। आयोग का मकसद अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता के दौर में भारत की भूमिका और उसकी प्राथमिकताओं का आकलन करना है। वाशिंगटन लंबे समय से भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव को संतुलित करने वाला एक प्रमुख साझेदार मानता रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने अमेरिकी नीति निर्माताओं को दोबारा सोचने पर मजबूर किया है।

सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में ‘नपा-तुला सुधार’ देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है। इसी संदर्भ में अमेरिकी पक्ष की नजरें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी सीमा विवाद, हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री प्रतिस्पर्धा, और हिंद-प्रशांत में भारत की उभरती सैन्य भूमिका पर टिकी होंगी।

आयोग इस बात का भी आकलन करेगा कि भारत किस हद तक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। साथ ही, चीन के प्रति भारत के हालिया कदमों पर भी चर्चा होगी, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात साल बाद हुई बीजिंग यात्रा, पांच साल बाद हवाई सेवाओं की बहाली, और गलवान संघर्ष के बाद चीनी निवेश पर लगी पाबंदियों में दी गई ढील शामिल हैं। इन फैसलों को अमेरिका में भारत के चीन के प्रति कथित “नरम रुख” के तौर पर देखा जा रहा है।

सुनवाई केवल सैन्य और कूटनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर भी खास फोकस होगा। आयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स, और फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति और चीन के साथ उसके व्यापारिक रिश्तों की गहराई की समीक्षा करेगा। वाशिंगटन इन क्षेत्रों को बीजिंग के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में मानता है।

अमेरिका के लिए यह सुनवाई इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले एक साल में भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ तनाव सामने आए हैं। अमेरिकी नीति गलियारों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि भारत अपनी ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ को बनाए रखते हुए अमेरिकी सुरक्षा ढांचे के साथ कितना तालमेल बिठा सकता है। इस बहस को और वजन इस तथ्य से मिलता है कि सुनवाई के लगभग छह हफ्ते बाद, अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले हैं।

USCC की स्थापना साल 2000 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा की गई थी और इसका उद्देश्य चीन के साथ अमेरिका के आर्थिक रिश्तों से जुड़े सुरक्षा निहितार्थों की जांच करना है। इस सुनवाई की सह-अध्यक्षता आयुक्त हल ब्रांड्स (जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर) और आयुक्त जोनाथन एन. स्टाइवर्स करेंगे। इसके अलावा, पेंटागन के पूर्व अधिकारी रैंडल श्रीवर भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं, जो एशिया में चीन के प्रभाव को संतुलित करने के लिए मजबूत अमेरिकी गठबंधन के समर्थक माने जाते हैं।

Share
अगला लेख → ऑपरेशन सिंदूर का असर: पाकिस्तान समर्थक तुर्की-अज़रबैजान को भ…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *