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चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में CBI की एंट्री, 7 सदस्यीय SIT गठित

चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में CBI की एंट्री, 7 सदस्यीय SIT गठित

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI करेगी। केंद्रीय एजेंसी ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने इस हाई-प्रोफाइल हत्या मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने डीआईजी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जो पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

इससे पहले इस हत्याकांड की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही थी। राज्य पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद मामले को सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने औपचारिक रूप से जांच का जिम्मा संभाल लिया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन संदिग्ध शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों तक पहुंचने में टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल ट्रैकिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों ने अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक ने टोल प्लाजा पर यूपीआई से भुगतान किया था, जिसके जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद एसआईटी की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर तीनों को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया और बाद में उत्तरी 24 परगना जिले की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों आरोपियों को 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे किसका हाथ था और क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावर उनका पीछा कर रहे थे। कुछ देर बाद एक बाइक उनकी कार के बराबर आ गई और बाइक पर पीछे बैठे हमलावर ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि करीब 10 राउंड गोलियां चलाई गईं। गोली लगने से चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।

सीबीआई अब हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों के नेटवर्क और संभावित मास्टरमाइंड की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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