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‘आतंक के आकाओं तक नहीं पहुंचने देंगे सिंधु नदी का पानी’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

‘आतंक के आकाओं तक नहीं पहुंचने देंगे सिंधु नदी का पानी’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक भारत सिंधु नदी का पानी आतंकवाद के संरक्षकों तक नहीं पहुंचने देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से समझौता करने वाला नहीं है और जो लोग शांति और सद्भाव की भाषा नहीं समझते, उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।

हैदराबाद में आयोजित एक बुद्धिजीवी सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने हाल के वर्षों में भारत की सुरक्षा नीति में आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने का निर्णय लिया था। यह फैसला केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं था, बल्कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाली शक्तियों को स्पष्ट संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया था।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और मानवता के दुश्मनों को संरक्षण देने वाले तत्वों को यह समझ लेना चाहिए कि भारत अब हर चुनौती का मजबूती से जवाब देगा।

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जिन लोगों की संवेदनाएं समाप्त हो चुकी हैं और जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, उन्हें भारत के संसाधनों से लाभ नहीं मिलने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सिंधु नदी का पानी आतंकवादियों और उनके समर्थकों तक पहुंचने नहीं दिया जाएगा।

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को सिंधु नदी प्रणाली के जल बंटवारे को लेकर ऐतिहासिक सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता दशकों तक दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन का आधार रहा। हालांकि हाल के वर्षों में सीमा पार आतंकवाद और लगातार बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत ने इस संधि की समीक्षा करते हुए इसे स्थगित रखने का फैसला किया है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का मानना है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता जमीनी परिस्थितियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से अलग होकर नहीं चल सकता। जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित होने वाली आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी और विश्वसनीय कार्रवाई नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि का निलंबन जारी रहेगा।

अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने केंद्र की एनडीए सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब इसे हटाना असंभव बताया जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इसे सफलतापूर्वक समाप्त किया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। जो क्षेत्र कभी आतंकवाद और अशांति के लिए चर्चा में रहता था, वहां आज पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा गर्व से लहरा रहा है, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हो रहे हैं तथा वर्षों से बंद पड़े सिनेमा हॉल दोबारा खुल रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज एक मजबूत, आत्मविश्वासी और निर्णायक राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और विकास के एजेंडे पर सरकार की प्रतिबद्धता ही नए भारत की पहचान बन चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में देश वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।

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