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यूपी को मिला पहला बैरियर-लेस टोल एक्सप्रेसवे, 13 जुलाई से बिना रुके कटेगा टोल

लखनऊ, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश को 13 जुलाई को आधुनिक सड़क अवसंरचना की एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे होगा, जहां पारंपरिक बैरियर वाले टोल प्लाजा नहीं होंगे। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से वाहन बिना […]

यूपी को मिला पहला बैरियर-लेस टोल एक्सप्रेसवे, 13 जुलाई से बिना रुके कटेगा टोल

लखनऊ, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश को 13 जुलाई को आधुनिक सड़क अवसंरचना की एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे होगा, जहां पारंपरिक बैरियर वाले टोल प्लाजा नहीं होंगे। अत्याधुनिक तकनीक की मदद से वाहन बिना रुके टोल पार करेंगे और टोल शुल्क स्वतः कट जाएगा।

62 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और आरएफआईडी (RFID) रीडर लगाए गए हैं। टोल प्लाजा से लगभग 500 मीटर पहले कैमरे वाहन की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे, जबकि आरएफआईडी रीडर फास्टैग की जानकारी पढ़कर सिस्टम तक पहुंचाएंगे। कुछ ही सेकेंड में टोल शुल्क स्वतः कट जाएगा और वाहन को कहीं रुकना नहीं पड़ेगा।

केवल एंट्री और एग्जिट पर लगेगा टोल

इस एक्सप्रेसवे की विशेषता यह है कि बीच मार्ग में कोई टोल प्लाजा नहीं बनाया गया है। टोल केवल प्रवेश और निकास बिंदुओं पर ही लिया जाएगा। लखनऊ के मिरानपुर पिनवट, खांडेदेव-शिवपुरा और बनी, उन्नाव के लालगंज-अमरसस तथा कानपुर के आजाद नगर-शुक्लागंज बाईपास पर टोल प्रणाली स्थापित की गई है।

नई व्यवस्था के तहत वाहन चालक 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी बिना रुके टोल पार कर सकेंगे। पूरी प्रणाली लखनऊ और कानपुर स्थित कंट्रोल रूम से संचालित होगी, जहां वाहनों की निगरानी और टोल संग्रह की व्यवस्था रहेगी।

ऐसे काम करेगी नई तकनीक

एएनपीआर कैमरे वाहन की नंबर प्लेट की पहचान करेंगे, जबकि आरएफआईडी रीडर फास्टैग से जुड़ी जानकारी प्राप्त करेंगे। यदि फास्टैग सक्रिय होगा तो टोल शुल्क स्वतः खाते से कट जाएगा। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा या वह ब्लैकलिस्ट होगा, उनके मालिकों को नियमानुसार नोटिस या चालान भेजा जाएगा।

देश का तीसरा राज्य बनेगा उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार बैरियर-लेस टोल प्रणाली फिलहाल गुजरात और दिल्ली में लागू है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के संचालन के साथ उत्तर प्रदेश इस आधुनिक तकनीक को अपनाने वाला देश का तीसरा राज्य बन जाएगा।

नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी, यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की सड़क अवसंरचना को आधुनिक और स्मार्ट परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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