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देश के ईवी बाजार में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत, सरकार ने रखा 30 प्रतिशत का लक्ष्य

लखनऊ, 09 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी और चार्जिंग ढांचे के विस्तार का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वित्तीय वर्ष […]

देश के ईवी बाजार में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत, सरकार ने रखा 30 प्रतिशत का लक्ष्य

लखनऊ, 09 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी और चार्जिंग ढांचे के विस्तार का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईवी सब्सिडी के लिए स्वीकृत आवेदनों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 241 प्रतिशत बढ़ गई है। वहीं, देशभर में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जिसे सरकार आगामी वर्षों में 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

परिवहन विभाग के अनुसार, ईवी सब्सिडी योजना के तहत अब तक 86,489 इलेक्ट्रिक वाहनों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 43 हजार से अधिक लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया, तेजी से बढ़ते ईवी पंजीकरण और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी ईवी राज्यों की श्रेणी में पहुंचा दिया है।

तीन वर्षों में तेजी से बढ़े आवेदन

आंकड़ों के अनुसार, 19 जुलाई 2023 से 31 मार्च 2024 के बीच दोपहिया, चारपहिया, ई-बस और ई-गुड्स कैरियर श्रेणी में 15,091 आवेदन स्वीकृत हुए थे। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह संख्या 13,950 रही, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत आवेदनों की संख्या बढ़कर 47,514 हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 241 प्रतिशत अधिक है।

इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 से 22 जून 2026 तक, यानी ढाई महीने से भी कम समय में 9,934 नए आवेदन स्वीकृत किए गए। इसे प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ते भरोसे और लोगों की बढ़ती रुचि का संकेत माना जा रहा है।

दोपहिया ईवी की सबसे अधिक मांग

परिवहन विभाग के अनुसार, अब तक स्वीकृत आवेदनों में सबसे अधिक हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रही है। कुल 61,417 इलेक्ट्रिक दोपहिया, 24,959 इलेक्ट्रिक चारपहिया, 104 ई-गुड्स कैरियर तथा 9 ई-बसों के लिए सब्सिडी आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रही यूपी की स्थिति

प्रदेश सरकार की ईवी नीति का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। नीति आयोग की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में बिकने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत है। सरकार का अनुमान है कि लगभग 440 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन और नई सब्सिडी व्यवस्था के प्रभाव से अगले दो वर्षों में यह हिस्सेदारी बढ़कर 25 से 30 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि हरित परिवहन, निवेश, रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

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