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‘एक कचौड़ी, दो समोसा… BJP पर नहीं भरोसा’, अखिलेश यादव का तंज

‘एक कचौड़ी, दो समोसा… BJP पर नहीं भरोसा’, अखिलेश यादव का तंज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा चुनाव, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र सेनानियों से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर उन्होंने कहा कि पहले जरूरी संख्या जुटाई जाएगी और इसके बाद उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के कई लोग सपा के संपर्क में हैं, लेकिन सभी को पार्टी में समायोजित करना संभव नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि तीसरे प्रत्याशी का फैसला संख्या पूरी होने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए विधायकों से बातचीत करनी पड़ती है और इस पूरी प्रक्रिया में समय लगता है। अखिलेश ने दावा किया कि कुछ लोग सपा में वापस आना चाहते हैं और कुछ जगहों पर असंतोष भी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी से ऐसा वादा नहीं करना चाहते जिसे बाद में पूरा न कर पाएं।

राज्यसभा चुनाव के गणित को लेकर सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, “एक कचौड़ी, दो समोसा… बीजेपी पर नहीं भरोसा।” उन्होंने राज्यसभा चुनाव में संख्या के महत्व पर जोर दिया और कहा कि उम्मीदवार उतारने से पहले जरूरी समर्थन जुटाना जरूरी है।

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें घटना के कारण की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने सरकार पर साधुओं को उचित सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने इस घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि मौजूदा समय में सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। शाहजहांपुर के खुदागंज क्षेत्र में दो साधुओं के शव मंदिर परिसर में मिलने के मामले में पुलिस जांच कर रही है।

अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बीजेपी कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है और कहा कि पुलिस पर जनता का भरोसा कायम होना जरूरी है। उनके मुताबिक पुलिस व्यवस्था में सुधार तभी संभव है जब बीजेपी सत्ता से बाहर होगी। ऐसे आरोपों पर सरकार और बीजेपी का पक्ष अलग हो सकता है।

लोकतंत्र सेनानियों के साथ आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने देश की मौजूदा परिस्थितियों की तुलना आपातकाल के दौर से की। उन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और अत्याचार जैसे मुद्दे उठाते हुए कहा कि आज देश में लोकतंत्र को लेकर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि जिस दौर में PDA वर्ग पर अत्याचार होगा, उसे वह आपातकाल जैसा दौर मानते हैं।

इस दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर सम्मान और मान्यता मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र सेनानियों के योगदान का उचित सम्मान होना चाहिए और सरकार को उनके हित में कदम उठाने चाहिए।

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