सेना में बढ़ सकती है रिटायरमेंट की उम्र, पेंशन में कटौती करने की सिफारिश
नई दिल्ली- सैन्य मामलों के विभाग ने सुधार पहल के तहत समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने वाले सैन्यकर्मियों की पेंशन में महत्वपूर्ण कटौती करने तथा कुछ श्रेणियों के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने की सिफारिश की है. अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता वाले डीएमए का कदम संसाधनों और श्रमशक्ति का पर्याप्त इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर केंद्रित सिलसिलेवार सुधारों का हिस्सा है.
इस कदम के बाद ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु मौजूदा 56 साल से बढ़ाकर 58 साल करने का प्रस्ताव किया गया है. मेजर जनरलों के मामले में इसे मौजूदा 58 साल से बढ़ाकर 59 साल करने की बात कही गई है. अधिकारियों ने कहा कि यही आयु नियम वायुसेना और नौसेना के समान रैंक वाले अधिकारियों के लिए प्रस्तावित है. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि केवल वे सैन्यकर्मी ही पूरी पेंशन के हकदार होंगे जिन्होंने 35 साल से अधिक की सेवा पूरी की होगी.
प्रस्ताव के अनुसार, जो अधिकारी 20 से 25 साल की सेवा के बीच रिटायरमेंट चाहते हैं, उन्हें अपनी पेंशन का केवल 50 प्रतिशत मिलेगा और जो लोग 26-30 साल की उम्र के बीच रिटायर होंगे, उन्हें उनकी पेंशन का केवल 60 प्रतिशत मिलेगा. इसी प्रकार, जो अधिकारी 31 से 35 वर्ष की आयु के बीच समय से पहले सेवानिवृत्ति प्राप्त करेंगे, उन्हें अपनी पेंशन का 75 प्रतिशत मिलेगा, जबकि 35 वर्ष से अधिक की सेवा करने वालों को पूरी पेंशन मिलेगी.
सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाए जाने सेसेवानिवृत्ति के बाद कर्नल और ब्रिगेडियर को दिए जाने वाले पदों की प्रक्रिया पर रोक लग सकती है. फिलहाल कर्नल 54 साल की उम्र में सेवानिवृत्ति के बाद चार साल के लिए फिर से पद हासिल कर सकते हैं, जबकि ब्रिगेडियर 56 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने के बाद दो साल के लिए किसी पद पर नियुक्त हो सकते हैं.