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कुलदीप सिंह सेंगर को उन्नाव केस में बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दो सप्ताह की दी जमानत

कुलदीप सिंह सेंगर को उन्नाव केस में बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दो सप्ताह की दी जमानत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बीजेपी से निष्कासित विधायक और आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने उन्हें स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है और आदेश दिया है कि उनका इलाज नई दिल्ली के एम्स में कराया जाए।

न्यायालय ने कहा कि एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट इस बात पर अदालत को रिपोर्ट देंगे कि क्या सेंगर का इलाज वहां संभव है। सेंगर के वकीलों का दावा है कि वह शुगर, मोतियाबिंद, रेटिना से जुड़ी समस्याओं और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।

इससे पहले, मंगलवार को अदालत ने सीबीआई से सेंगर की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा, जिसमें उन्होंने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दी गई 10 साल की सजा को स्वास्थ्य आधार पर निलंबित करने की मांग की थी। अदालत ने जेल अधिकारियों को भी सेंगर की स्वास्थ्य स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी, 2024 की तारीख तय की। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने स्पष्ट किया कि इस समय केवल चिकित्सा आधार पर ही नोटिस जारी किया जा रहा है। सीबीआई के वकील ने अदालत को याद दिलाया कि हाई कोर्ट ने जून 2023 में सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील के दौरान उनकी सजा निलंबित करने से इंकार कर दिया था।

गौरतलब है कि उन्नाव रेपकांड 2017 में उस समय चर्चा में आया जब एक युवती ने कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया। मामला और भी संवेदनशील हो गया जब 2018 में पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मौत हो गई।

मार्च 2020 में निचली अदालत ने सेंगर को रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के लिए दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अदालत ने सजा देते समय कहा था कि मृतक परिवार का इकलौता कमाने वाला था, इसलिए सजा में कोई नरमी नहीं बरती जा सकती।

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