मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर विचार-विमर्श शुरू , कई नामों पर हो रही है चर्चा

उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर विचार-विमर्श शुरू , कई नामों पर हो रही है चर्चा

उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में मिली सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने संगठन चुनाव में भी पिछड़े और दलित वर्गों को प्राथमिकता दी है। सोमवार को पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने 1819 मंडलों में से 751 मंडल अध्यक्षों की सूची जारी की, जिसमें विशेष रूप से पिछड़ी और दलित जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। हालांकि, सामान्य जातियों को भी संतुलन बनाए रखने के लिए स्थान दिया गया है, जबकि महिलाओं का प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम रखा गया है।

भा.ज.पा. प्रदेश नेतृत्व ने बताया है कि शेष मंडल अध्यक्षों की सूची अगले दो-तीन दिनों में जारी की जाएगी, जिसके बाद जिलाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्टी ने मंडल अध्यक्षों के चुनाव के लिए 15 दिसंबर और जिलाध्यक्षों के चुनाव के लिए 31 दिसंबर की तारीख तय की थी, लेकिन कुछ जिलों में सहमति न बन पाने और खींचतान के कारण यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, अब तक 1023 मंडलों से अध्यक्षों के नाम के पैनल प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी गहन जांच के बाद 751 मंडल अध्यक्षों की सूची जारी की गई है। इस देरी के कारण जिलाध्यक्षों के चुनाव अब 15 जनवरी तक होने की संभावना है।

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी विचार-विमर्श शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव इस महीने के अंत तक हो सकता है। इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पिछड़े, दलित और ब्राह्मण समुदायों से संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की जा रही है। दलित वर्ग से पूर्व एमएलसी विद्यासागर सोनकर, सांसद रामशंकर कठेरिया और विनोद सोनकर के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। वहीं, पिछड़े वर्ग के लिए अमरपाल मौर्या, बीएल वर्मा और बाबूराम निषाद के नाम चर्चा में हैं। ब्राह्मण समुदाय से राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा और बसपा से भाजपा में आए हरीश द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है। भाजपा के इस कदम को आगामी चुनावों में सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share This
अगला लेख → देश का पहला 'ग्लास ब्रिज' इस राज्य में समुद्र के ऊपर बनेगा, …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 89% 💨 5 km/h
Dehradun