मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

7 साल पुरानी कानूनी लड़ाई में राम गोपाल वर्मा को 3 महीने की सजा ,जानें क्या था मामला

7 साल पुरानी कानूनी लड़ाई में राम गोपाल वर्मा को 3 महीने की सजा ,जानें क्या था मामला

फिल्म निर्माता और निर्देशक राम गोपाल वर्मा को एक सात साल पुराने मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई गई है। मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह निर्णय लिया। इस दौरान, राम गोपाल वर्मा कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, जिसके चलते चेक बाउंस के मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ नॉन-वॉरंट जारी किया। यह निर्णय उनके नए प्रोजेक्ट ‘सिंडिकेट’ की घोषणा से पहले आया है।

राम गोपाल वर्मा को सजा सुनाने वाले मामले की शुरुआत सात साल पहले हुई थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान, राम गोपाल वर्मा कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें सेक्शन 138 के तहत आरोपी माना और शिकायतकर्ता को 3.72 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

राम गोपाल वर्मा की कुछ चर्चित फिल्मों में ‘सत्या’, ‘रंगीला’, ‘सरकार’ और ‘कंपनी’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं। हालांकि, पिछले कुछ सालों में उन्हें वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, और उनकी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। इसके अलावा, COVID-19 महामारी के दौरान उन्हें अपना ऑफिस भी बेचना पड़ा था। 2018 में उनके खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था और जून 2022 में वह जमानत पर रिहा हुए थे, जब उन्होंने व्यक्तिगत पहचान बॉन्ड और 5,000 रुपये की जमानत राशि भरी थी।

मंगलवार को सजा सुनाते हुए मजिस्ट्रेट वाईपी पुजारी ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 428 के तहत आरोपी ने मुकदमे के दौरान हिरासत में कोई समय नहीं बिताया है, इसलिए सेट-ऑफ की कोई बात नहीं है।

Share This
अगला लेख → भोपाल की महिला, रोल्स रॉयस की दीवानी, सैफ अली खान से जुड़ी थ…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 93% 💨 5 km/h
Dehradun