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Kaiserganj : शरदकालीन गन्ना बुवाई के उद्देश्य से पारले मिल ने किसान गोष्ठी का आयोजन किया

Kaiserganj : शरदकालीन गन्ना बुवाई के उद्देश्य से पारले मिल ने किसान गोष्ठी का आयोजन किया

बहराइच जिले के कैसरगंज क्षेत्र में स्थित पारले चीनी मिल द्वारा शरदकालीन गन्ना बुवाई को लेकर ग्राम स्तर पर किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में आज ग्राम चुल्हमा में एक महत्वपूर्ण किसान गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों गन्ना किसान शामिल हुए।

गोष्ठी में पारले चीनी मिल के उप मुख्य प्रबंधक, वहाजुद्दीन ने किसानों को गन्ने की अधिक उपज प्राप्त करने के लिए कई तकनीकी सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि यदि गन्ने की बुवाई के दौरान लाइन से लाइन की दूरी 4 फीट और एक सेट से दूसरे सेट की दूरी 4 इंच रखी जाए, तो इससे गन्ने की पैदावार में वृद्धि होगी। साथ ही, उप मुख्य प्रबंधक ने किसानों से अपील की कि वे सीओ-0238 प्रजाति की बुवाई से बचें, क्योंकि इस प्रजाति में लाल सड़न रोग जैसी गंभीर बीमारी फैल चुकी है। इसके बजाय, उन्होंने किसानों को 15023, 0118, 14201, 13235 और 16202 जैसी उच्च उपज देने वाली गन्ना प्रजातियों को अपनाने की सलाह दी। जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए को.लख. 94184 और 98014 प्रजातियां अधिक उपयुक्त बताई गईं।

गोष्ठी में बीज और भूमि उपचार पर विशेष ध्यान दिया गया। वहाजुद्दीन ने बताया कि इन गन्ना प्रजातियों के बीज मिल क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, और किसान अपने गन्ना सुपरवाइजर से संपर्क कर इन्हें प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, भूमि उपचार के लिए ट्राइकोडर्मा और बीज शोधन के लिए हेक्जास्टाप के प्रयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने मृदा की उर्वरता बनाए रखने के लिए जैविक खादों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया और किसानों को पारले मिल में स्थापित निशुल्क लैब में अपनी मिट्टी की जांच कराने के लिए प्रेरित किया।

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