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मणिपुर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई, 6 जिलों से 104 हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

मणिपुर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई, 6 जिलों से 104 हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

मणिपुर में हिंसा से प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि राज्य के छह जिलों में लोगों ने स्वेच्छा से कुल 104 हथियार और गोलियां जमा कर दी हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये हथियार बुधवार को कांगपोकपी, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, थौबल, इंफाल पश्चिम और काकचिंग जिलों में सौंपे गए। यह प्रक्रिया अधिकारियों द्वारा हथियार जमा करने के लिए दी गई सात दिनों की समय-सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले पूरी हुई।

राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को लोगों से अपील की थी कि वे संघर्ष के दौरान लूटे गए या अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिनों के भीतर स्वेच्छा से सौंप दें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया था कि इस अवधि के भीतर हथियार जमा करने वालों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।

अब होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्य सचिव पी.के. सिंह ने 23 फरवरी को कहा था कि हथियार जमा करने के लिए सात दिन का समय पर्याप्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय समाप्त होने के बाद सुरक्षा बल अवैध हथियारों को जब्त करने के लिए अभियान चलाएंगे। मई 2023 से मैतेई समुदाय और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं।

केंद्र सरकार ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया, जिससे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, मणिपुर विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है, हालांकि मौजूदा विधायकों का कार्यकाल 2027 तक है। राज्य में बीजेपी के पास बहुमत है, ऐसे में पार्टी किसी नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

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