मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

क्या ट्रंप के नए टैरिफ से स्टील इंडस्ट्री को लगेगा झटका? जानिए विशेषज्ञों का राय

क्या ट्रंप के नए टैरिफ से स्टील इंडस्ट्री को लगेगा झटका? जानिए विशेषज्ञों का राय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 60 देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ का असर अब वैश्विक स्टील व्यापार पर दिखाई देने लगा है। अमेरिका ने भारत पर 26% का टैरिफ लगाया है, जिसके चलते भारतीय स्टील कंपनियां इस निर्णय के प्रभावों का गहनता से अध्ययन कर रही हैं। कंपनियों का मानना है कि इस पर अभी कोई अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी।

टाटा स्टील के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी कि कंपनी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और संभावित प्रभावों की जांच कर रही है। वहीं, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम अमेरिकी निर्णयों का मूल्यांकन कर रही है और उचित समय आने पर प्रतिक्रिया देगी।

विशेषज्ञों की राय में अमेरिका द्वारा उठाया गया यह कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है। इससे भारत जैसे देशों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि अन्य देश जिनके निर्यात पर असर पड़ा है, वे अब भारत को अपने उत्पादों का नया गंतव्य बना सकते हैं। इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (ISSDA) के अध्यक्ष राजमणि कृष्णमूर्ति ने आशंका जताई है कि इससे भारत में सस्ते विदेशी इस्पात का आयात बढ़ सकता है।

बिगमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में अमेरिका ने चीन, यूरोपीय संघ, जापान, वियतनाम और दक्षिण कोरिया से भारी मात्रा में स्टील मंगाया था, जबकि भारत से आयात सीमित रहा। बिगमिंट के सीईओ ध्रुव गोयल का कहना है कि अब जब अमेरिका ने टैरिफ बढ़ा दिए हैं, तो इन देशों का स्टील भारतीय बाजार की ओर रुख कर सकता है।

हालांकि, भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर सेल (SAIL) के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि यह भारत के लिए कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि अमेरिका उन इस्पात उत्पादों का आयात जारी रखेगा जिनका उत्पादन वह खुद नहीं करता। उद्योग विश्लेषक हृदय मोहन का मानना है कि अब यूरोपीय संघ से अमेरिका को स्टील भेजना मुश्किल होगा, जिससे भारत को चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से स्टील डंपिंग की समस्या झेलनी पड़ सकती है।

Share
अगला लेख → भारी कर्ज में फंसी इस फर्म को खरीदने की होड़ तेज, अडानी से ल…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *