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अंसल के खिलाफ संघर्ष की कसम, लखनऊ में एकजुट हुए होमबायर्स

अंसल के खिलाफ संघर्ष की कसम, लखनऊ में एकजुट हुए होमबायर्स

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी (सेक्टर डी) स्थित शॉपिंग स्क्वायर में अंसल एपीआई के कार्यालय के बाहर 50 से अधिक पीड़ित होमबायर्स एकत्र हुए और कंपनी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की। इन सभी ने यह संकल्प लिया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वे अंसल के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

होमबायर्स का आरोप है कि बीते 15 वर्षों से अंसल की धोखाधड़ी के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें दर्ज करवाई गई हैं, लेकिन रेरा जैसी संस्था अब तक कोई ठोस कदम उठाने में असफल रही है। इतना ही नहीं, प्रणव अंसल और उनकी कोर टीम के सदस्यों के खिलाफ सैकड़ों एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। लखनऊ कार्यालय से जुड़े कई अधिकारी, जो कथित रूप से धोखाधड़ी में सीधे तौर पर शामिल हैं, वे भी अब तक कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।

होमबायर्स ने प्रकरण के समाधान के लिए नियुक्त किए गए आईआरपी (इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आईआरपी के कार्यभार संभालने के बाद वित्तीय दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई, बावजूद इसके उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं कराई। इसके अलावा कई निवेशकों के दावों का सत्यापन नहीं किया गया, जिससे वे वोटिंग अधिकार से वंचित हो गए हैं। निवेशकों का यह भी कहना है कि आईआरपी जानबूझकर समाधान प्रक्रिया को टालते जा रहे हैं।

थाना सुशांत गोल्फ सिटी की भूमिका पर भी पीड़ितों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए बार-बार थाने का चक्कर लगाने के बावजूद एक-एक महीने तक रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी जा रही है। इसके विरोध में सभी होमबायर्स थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कर शीघ्र प्रभावी कार्यवाही की मांग की।

निवेशकों का विश्वास है कि यदि इस परियोजना को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अपने अधीन ले लेता है, तो अधूरी पड़ी परियोजना को पूरा किया जा सकता है। अंत में, सभी पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और हजारों परिवारों को न्याय दिलाएं। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय देने का भी अनुरोध किया गया, ताकि वे स्वयं अपनी पीड़ा उन्हें सुना सकें।

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