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HDFC बैंक ने लोन की ब्याज दरों में की कटौती, ग्राहकों को मिली राहत

HDFC बैंक ने लोन की ब्याज दरों में की कटौती, ग्राहकों को मिली राहत

एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को एक खुशखबरी दी है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में कमी की है। यह बदलाव उन ग्राहकों को लाभ पहुंचाएगा जिनके लोन की ब्याज दरें इस बेंचमार्क से जुड़ी हुई हैं। बैंक ने कुछ चुनिंदा लोन की अवधि पर MCLR को 0.15 प्रतिशत तक घटाया है, जिसके बाद अब एचडीएफसी बैंक की MCLR 9 प्रतिशत से 9.20 प्रतिशत के बीच हो गई है।

पहले बैंक की MCLR रेट 9.10 प्रतिशत से 9.35 प्रतिशत के बीच थी। यह नई दर 7 मई 2025 से लागू हो चुकी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक ने अपनी MCLR को घटाने का निर्णय लिया। फरवरी 2025 से अब तक आरबीआई 0.50 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को ऋण देता है। रेपो रेट में कटौती से बैंकिंग क्षेत्र में कर्ज की लागत घटती है, और इसके परिणामस्वरूप बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन प्रदान करते हैं।

MCLR का कार्य कैसे होता है:
एचडीएफसी बैंक के इस कदम से, यदि किसी ग्राहक का लोन MCLR से जुड़ा हुआ है, तो उनकी EMI कम हो सकती है या लोन की अवधि घट सकती है। होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन पर ब्याज दर निर्धारित करने के लिए बैंक MCLR का उपयोग करते हैं। MCLR में कटौती से लोन की EMI में कमी आएगी या फिर लोन की अवधि कम हो जाएगी, जो कर्जधारकों को दीर्घकाल में फायदा पहुंचाएगा।

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