मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

HDFC बैंक ने लोन की ब्याज दरों में की कटौती, ग्राहकों को मिली राहत

HDFC बैंक ने लोन की ब्याज दरों में की कटौती, ग्राहकों को मिली राहत

एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को एक खुशखबरी दी है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में कमी की है। यह बदलाव उन ग्राहकों को लाभ पहुंचाएगा जिनके लोन की ब्याज दरें इस बेंचमार्क से जुड़ी हुई हैं। बैंक ने कुछ चुनिंदा लोन की अवधि पर MCLR को 0.15 प्रतिशत तक घटाया है, जिसके बाद अब एचडीएफसी बैंक की MCLR 9 प्रतिशत से 9.20 प्रतिशत के बीच हो गई है।

पहले बैंक की MCLR रेट 9.10 प्रतिशत से 9.35 प्रतिशत के बीच थी। यह नई दर 7 मई 2025 से लागू हो चुकी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक ने अपनी MCLR को घटाने का निर्णय लिया। फरवरी 2025 से अब तक आरबीआई 0.50 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को ऋण देता है। रेपो रेट में कटौती से बैंकिंग क्षेत्र में कर्ज की लागत घटती है, और इसके परिणामस्वरूप बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर पर लोन प्रदान करते हैं।

MCLR का कार्य कैसे होता है:
एचडीएफसी बैंक के इस कदम से, यदि किसी ग्राहक का लोन MCLR से जुड़ा हुआ है, तो उनकी EMI कम हो सकती है या लोन की अवधि घट सकती है। होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट लोन पर ब्याज दर निर्धारित करने के लिए बैंक MCLR का उपयोग करते हैं। MCLR में कटौती से लोन की EMI में कमी आएगी या फिर लोन की अवधि कम हो जाएगी, जो कर्जधारकों को दीर्घकाल में फायदा पहुंचाएगा।

Share This
अगला लेख → नवाजुद्दीन सिद्दीकी की स्पीच ने अनुराग कश्यप को भावुक किया, …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
29°C
Light rain shower
💧 73% 💨 7 km/h
Dehradun