मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

आम आदमी पार्टी का लखनऊ में धरना, पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं को नजरबंद किया

आम आदमी पार्टी का लखनऊ में धरना, पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं को नजरबंद किया

लखनऊ में शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के सीजफायर के फैसले का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह वक्त पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को वापस लेने का था, लेकिन सरकार ने संघर्ष विराम करके एक बड़ा मौका गंवा दिया।

निशातगंज फ्लाईओवर पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के फैसले को देश के हितों के खिलाफ बताया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर बहस भी हुई। पुलिस ने मौके से कई बैनर जब्त किए और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। साथ ही, पार्टी की जिला अध्यक्ष सहित कई नेताओं को सुबह ही नजरबंद कर दिया गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।

AAP नेता दिनेश सिंह पटेल ने बयान दिया, “प्रदेश के विभिन्न जिलों में हमारी पार्टी के कार्यकर्ता सरकार के सीजफायर के फैसले का विरोध कर रहे हैं। हमें लगता है कि यह POK को भारत में मिलाने का सबसे सही समय था, जिसे सरकार ने चूक दिया।”

वहीं प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ता ज्ञान सिंह ने कहा, “पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने शानदार जवाब दिया था। ऐसे में जब सेना का मनोबल ऊंचा था, उस समय सीजफायर की घोषणा करना समझ से परे है। देश की जनता चाहती है कि POK को भारत में शामिल किया जाए।”

पार्टी की जिला अध्यक्ष इरम रिज़वी, जिन्हें सुबह से ही नजरबंद कर दिया गया था, ने कहा, “AAP पूरे प्रदेश में इस फैसले का विरोध कर रही है। जब सेना मैदान में मजबूती से लड़ रही थी, तब सरकार ने सीजफायर कर आम लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया। अब हमारी आवाज को दबाने के लिए हमें घरों में बंद किया जा रहा है।”

AAP ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक फायदे के लिए देश की सुरक्षा और रणनीतिक बढ़त से समझौता कर रही है। साथ ही पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही POK पर स्पष्ट और निर्णायक नीति नहीं बनाई, तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।

Share This
अगला लेख → प्रदेश में 48 पीपीएस अफसरों का तबादला, साथ ही 18 वरिष्ठ अधिक…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Light rain shower
💧 91% 💨 5 km/h
Dehradun