मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 लोकल ट्रेन विस्फोट केस में 12 को किया बरी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 लोकल ट्रेन विस्फोट केस में 12 को किया बरी

2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 11 दोषियों को बरी, निचली अदालत का फैसला पलटा11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

सायंकाल के व्यस्त समय में पश्चिमी रेलवे की सात ट्रेनों के प्रथम श्रेणी डिब्बों में 11 मिनट के भीतर सात बम विस्फोट हुए, जिनमें प्रेशर कुकर बमों का इस्तेमाल किया गया था। इस आतंकी हमले में 189 लोगों की जान गई और 824 से अधिक लोग घायल हुए। इस भयावह घटना के 19 साल बाद, 21 जुलाई 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 11 दोषियों को निर्दोष करार दिया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले ने न केवल निचली अदालत के 2015 के फैसले को पलट दिया, बल्कि जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

11 जुलाई 2006 को मुंबई की पश्चिमी रेलवे लाइन पर चलने वाली लोकल ट्रेनों में सात स्थानों—माटुंगा, खार रोड, सांताक्रूज, जोगेश्वरी, बोरीवली, मीरा रोड और भायंदर—पर सिलसिलेवार विस्फोट हुए। इन धमाकों में 189 यात्रियों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने इस मामले की जांच शुरू की और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। नवंबर 2006 में ATS ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) को इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया।

Share This
अगला लेख → जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद कौन बनेगा देश का अगला उपराष्ट्…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 93% 💨 5 km/h
Dehradun