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Raksha Bandhan 2025: इस बार भद्रा का साया नहीं, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, दुर्लभ योग और पूजन विधि

Raksha Bandhan 2025: इस बार भद्रा का साया नहीं, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, दुर्लभ योग और पूजन विधि

रक्षाबंधन 2025 का पर्व इस बार बेहद शुभ संयोगों के साथ आ रहा है। इस वर्ष राखी के दिन भद्रा का साया नहीं पड़ेगा, जिससे बहनें अपने भाइयों की कलाई पर पूरे दिन प्रेमपूर्वक राखी बांध सकेंगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार रवि योग और श्रवण नक्षत्र जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस पर्व को और भी विशेष बना देंगे।
पूर्णिमा पर आमतौर पर भद्रा रहती है और भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है.

पिछले तीन साल से यही कारण रहा कि बहनों को राखी बांधने के लिए रात तक इंतजार करना पड़ा. लेकिन इस बार भद्रा 8 और 9 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद समाप्त हो जाएगी, जिससे 9 अगस्त को रक्षाबंधन का पूरा दिन शुभ रहेगा.

इस रक्षा बंधन पर रवि योग और श्रवण नक्षत्र का विशेष मिलन हो रहा है। ज्योतिष में इन योगों को सौभाग्य और रक्षा-संबंधों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। यह संयोग बहन-भाई के रिश्ते में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाएगा।

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के बीच प्रेम का प्रतीक है. इसमें बहन भाई को तिलक लगाकर उसके दीर्घायु की कामना करती है. भाई भी जीवन भर बहन के सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करता है और स्नेह स्वरूप बहन को उपहार भी देता है.

इस त्योहार को प्राचीन काल से मनाने की परंपरा चली आ रही है. रक्षाबंधन पर अबकी बार भद्रा का साया नहीं है. पिछले 2-3 साल से भद्रा के कारण राखी का मजा बेकार हो जा रहा था, पर इस बार ऐसा नहीं है. इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है.
दरअसल भद्रा श्रावण पूर्णिमा तिथि में लग रही है, लेकिन उसका समापन 9 अगस्त को सूर्योदय से पहले हो जा रहा है. इसलिए आप खुशीपूर्वक रक्षाबंधन का त्योहार मनाएं.

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