मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

बरेली हिंसा: मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, साजिश में पाए गए चाकू-तमंचे, 10 FIR दर्ज

बरेली हिंसा: मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, साजिश में पाए गए चाकू-तमंचे, 10 FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में 26 सितंबर 2025 को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा ने पूरे शहर का माहौल दहला दिया। पुलिस के मुताबिक यह हिंसा कोई अचानक नहीं बल्कि सात दिनों से पहले से चल रही साजिश का नतीजा थी। इस मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस ने इस हिंसा मामले में 10 FIR दर्ज की हैं, जिनमें सात में सीधे मौलाना तौकीर का नाम शामिल है। इसके अलावा मौलाना समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 39 अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हिंसा में इस्तेमाल की गई चाकू, तमंचे, ब्लेड और पेट्रोल की बोतलें भी बरामद की हैं.
बरेली हिंसा की साजिश और पुलिस का खुलासा
एसएसपी अनुराग आर्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस हिंसा की योजना कम से कम सात दिन पहले से चल रही थी। बाहर के लोग इस साजिश में शामिल थे। पुलिस ने जुमे की नमाज के बाद जबरदस्त संघर्ष देखा, जिसमें उपद्रवियों ने पुलिस फोर्स के साथ धक्का-मुक्की की कोशिश की और पथराव किया। स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी जिसके कारण पुलिस को कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने हिंसा के दौरान कई हथियार बरामद किए जिनमें चाकू, तमंचे, ब्लेड और पेट्रोल की बोतलें शामिल हैं जो हिंसा को बल देने के लिए रखे गए थे.
डीएम अविनाश सिंह के बयान
बरेली के जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने बताया कि हिंसा की साजिश के बारे में प्रशासन को पहले ही जानकारी मिल गई थी। उन्होंने बताया कि बीएनएसएस धारा 163 लागू कर दी गई थी और बिना अनुमति के कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाना था। डीएम ने कहा कि मौलाना तौकीर रजा और उनके प्रतिनिधि नदीम और नफीज से बातचीत की गई और उन्हें कानूनी नियमों की जानकारी दी गई थी। नदीम ने कैंप कार्यालय में बैठक के बाद अपनी ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी और एक पत्र के माध्यम से योजना पर आगे बढ़ने से इंकार कर दिया था। लेकिन अचानक मौलाना तौकीर रजा ने एक वीडियो संदेश जारी किया जिसमें उन्होंने इसे फर्जी बताया और अपनी पहली योजना पर ही आगे बढ़ने का ऐलान किया
जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा
जुमे की नमाज खत्म होने के बाद करीब 80-90% लोग घरों को लौट गए जबकि कुछ लोग इस्लामिया इंटर कॉलेज की तरफ बढ़े। अचानक उन्होंने कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश की। जब उन्होंने शांति भंग करने का प्रयास किया तो पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। भीड़ द्वारा पथराव करने, दुकानें और वाहनों में तोड़फोड़ करने, आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। झड़प के दौरान पुलिस के 10 जवान घायल हुए, जिनका इलाज चल रहा है। राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है.
गिरफ्तारियां और मामला दर्ज
अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें मौलाना तौकीर रजा भी शामिल हैं। कुल 10 FIR दर्ज हैं, जिनमें से 7 में मौलाना का नाम सामने आया है। पुलिस ने 39 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस मामले पर कई राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर बयान जारी किए हैं। समाज में शांति बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द की अपील प्रमुख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संपूर्ण व्यवस्था का जायजा लेते हुए मामले की गंभीरता को स्वीकार किया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश जारी किए हैं.
बरेली हिंसा ने एक बार फिर कानून व्यवस्था के प्रति प्रशासन और पुलिस की सजगता की जरूरत को दिखाया है। हिंसा के पीछे की साजिश और बाहरी तत्वों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने हिंसा से जुड़ी पूरी गुत्थी सुलझाने का प्रयास तेज कर दिया है। प्रशासन जनता से शांति बनाए रखने की अपील करता है ताकि इलाके में सामान्य जीवन जल्द बहाल हो सके.

Share This
अगला लेख → BJP ने उतारा ‘स्पेशल-45’, अमित शाह की अगुवाई में मिशन बिहार …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
28°C
Patchy light rain in area with thunder
💧 77% 💨 4 km/h
Dehradun