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पाकिस्तान ने स्वीकारा अपनी कमजोरी: विकास और अर्थव्यवस्था के बाद साइंस और रिसर्च में भी पीछे, वैज्ञानिक ज्ञान को बताया देश की प्रगति की कड़ी l

पाकिस्तान ने स्वीकारा अपनी कमजोरी: विकास और अर्थव्यवस्था के बाद साइंस और रिसर्च में भी पीछे, वैज्ञानिक ज्ञान को बताया देश की प्रगति की कड़ी l

हाल के समय में पाकिस्तान ने अपने विकास और अर्थव्यवस्था क्षेत्र में पिछड़ने की बात स्वीकार की है, लेकिन अब देश ने यह भी खुलासा किया है कि साइंस और रिसर्च क्षेत्र में भी वह काफी पीछे है। पाकिस्तान ने अपने आत्म मंथन में माना है कि लंबे समय तक वैज्ञानिक अनुसंधान को नजरअंदाज कर दिया गया है, जिससे देश की तकनीकी प्रगति और नवाचार में बड़े पैमाने पर पिछड़ापन हुआ है।

सरकारी और शैक्षणिक रिपोर्टों में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी देश के लिए वैज्ञानिक ज्ञान और अनुसंधान ही दीर्घकालीन विकास और आर्थिक समृद्धि का आधार होता है। पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि पिछले दशकों में अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर पर्याप्त संसाधन निवेश नहीं हुआ, और यही कारण है कि वह वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में पीछे रह गया है।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान के लिए बजट का हिस्सा अपेक्षाकृत बहुत कम है। विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान अपेक्षित उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे नवाचार कम हैं और नए तकनीकी समाधान विकसित करने में बाधाएं आ रही हैं।

इसके अलावा, विदेशी सहयोग, विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की कमी और संस्थागत कमजोरियों के कारण पाकिस्तान में रिसर्च की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित हुई है।

पाकिस्तान ने माना है कि आर्थिक विकास मात्र निवेश और उद्योगों के विस्तार से संभव नहीं है। इसके लिए साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन (STI) को मजबूती से तरजीह देना आवश्यक है। वैज्ञानिक ज्ञान के बिना तकनीकी प्रगति नहीं हो सकती, और इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान को अब रणनीतिक रूप से विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा देना होगा। इसके लिए बेहतर शिक्षा नीति, अनुसंधान के लिए बेहतर वित्त पोषण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैज्ञानिकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी होगा।

यदि ऐसा हुआ, तो वह आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में नए सुधार कर सकेगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति सुधार पाएगा।

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