मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

कश्मीरी केसरी फिरनी: शाही मेहमाननवाज़ी की पहचान, केसर-पिस्ता की महक से भर दें हर दावत की रौनक l

कश्मीरी केसरी फिरनी: शाही मेहमाननवाज़ी की पहचान, केसर-पिस्ता की महक से भर दें हर दावत की रौनक l

त्योहारों और शादी-समारोहों के सीजन में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ती है और इसी बीच कश्मीरी केसरी फिरनी बाजार की नई पसंद बनकर उभरी है। रेस्तरां, होटेलियर और होम-शेफ का कहना है कि इस शाही डेज़र्ट की बुकिंग में पिछले साल की तुलना में 30–40% तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।

पंजाब, दिल्ली-NCR, राजस्थान और उत्तर भारत के बड़े शहरों में फिरनी की खपत तेजी से बढ़ी है। मिठाई की दुकानों का कहना है कि ग्राहकों की मांग पर मेन्यू में केसर-पिस्ता स्पेशल फिरनी, गुलकंद फिरनी, और ड्राईफ्रूट प्रीमियम फिरनी जैसे नए विकल्प जोड़े जा रहे हैं।

खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, दही-या-क्रीम बेस्ड डेज़र्ट्स की तुलना में फिरनी हल्की और पाचन में आसान होती है, इसलिए लोग इसे मुख्य भोजन के बाद बेहतर विकल्प मानकर चुन रहे हैं। इसके अलावा मिट्टी के कुल्हड़ में जमाई जाने वाली यह मिठाई पर्यावरण के अनुकूल और देसी एहसास के कारण भी बेहद लोकप्रिय है।

हेल्दी डेज़र्ट की खोज में लोगों की रुचि

केसर की सुगंध और शाही प्रेजेंटेशन

त्योहारों में पारंपरिक मिठाइयों की वापसी

सोशल मीडिया पर फूड ट्रेंड्स का असर

रेस्टोरेंट मालिक बताते हैं कि केसर की बढ़ती कीमतों के बावजूद ग्राहक बिना झिझक इसके प्रीमियम वर्ज़न की मांग कर रहे हैं। वहीं होम-शेफ्स के लिए यह बिज़नेस का मजबूत अवसर बन गया है।

“इस सीजन में सिर्फ फिरनी के 500+ ऑर्डर मिले हैं। लोग खासतौर पर ‘कश्मीरी केसरी’ वर्ज़न की मांग कर रहे हैं।”

कॉनफेक्शनरी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह मांग और बढ़ेगी, क्योंकि शादी-सीजन अपने चरम पर पहुँचेगा।

भारतीय पारंपरिक मिठाइयों की वापसी का दौर चल पड़ा है और कश्मीरी केसरी फिरनी इस ट्रेंड की शाही अगुवाई कर रही है।
दावतें हों या त्योहार—इस मिठास के बिना मेहमाननवाज़ी अब अधूरी मानी जा रही है।

Share This
अगला लेख → “10 महीने इंतज़ार के बाद कैबिनेट ने दी हरी झंडी — 8th Central…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
28°C
Patchy light rain in area with thunder
💧 77% 💨 4 km/h
Dehradun