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विवादित सीमा पर विष्णु प्रतिमा ध्वस्त, भारत बोला– आस्था को ठेस पहुंचाना गलत

विवादित सीमा पर विष्णु प्रतिमा ध्वस्त, भारत बोला– आस्था को ठेस पहुंचाना गलत

दक्षिण-पूर्व एशिया में जारी संघर्ष के बीच भगवान विष्णु की एक मूर्ति को बुलडोजर से गिराए जाने का मामला सामने आया है, जिस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। जानकारी के अनुसार यह मूर्ति वर्ष 2014 में बनाई गई थी और कथित तौर पर इसे थाई सेना के इंजीनियरों ने ध्वस्त किया।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद को लेकर बीते कई हफ्तों से जंग जारी है। बताया जा रहा है कि यह संघर्ष 8 दिसंबर से शुरू हुआ, जिसमें अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है और 8 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में कंबोडिया ने आरोप लगाया है कि विवादित सीमा क्षेत्र में एक हिंदू धार्मिक प्रतिमा को जानबूझकर तोड़ा गया।

भारत ने इस कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए कहा है कि सीमा विवाद से प्रभावित इलाके में हिंदू देवता की मूर्ति को नुकसान पहुंचाना दुनिया भर में मानने वालों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ऐसे अपमानजनक कृत्य नहीं होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू और बौद्ध देवता पूरे क्षेत्र में साझा सभ्यतागत विरासत का हिस्सा हैं और उन्हें गहरा सम्मान प्राप्त है।

भारत ने दोनों देशों से अपील की है कि वे बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटें और किसी भी तरह की सांस्कृतिक विरासत को नुकसान न पहुंचाएं। प्रवक्ता ने कहा कि शांति बहाल करना, जान-माल की रक्षा करना और ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

कंबोडिया के अनुसार, यह मूर्ति उसकी सीमा के भीतर स्थित थी और इसे थाईलैंड की सीमा से करीब 100 मीटर अंदर गिराया गया। सीमा से सटे प्रीह विहेयर प्रांत के सरकारी प्रवक्ता किम चानपन्हा ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि यह घटना अन सेस इलाके में हुई। कंबोडिया ने प्राचीन मंदिरों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने की कड़ी निंदा की है। वहीं, इस पूरे मामले पर थाई सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

हिंसा को लेकर दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कंबोडिया का कहना है कि झड़पों के दौरान थाई सेना ने सीमा क्षेत्र में मौजूद मंदिरों के खंडहरों को नुकसान पहुंचाया, जबकि थाईलैंड का दावा है कि कंबोडिया ने सदियों पुराने पत्थर के मंदिरों के आसपास सैनिक तैनात कर हालात को और तनावपूर्ण बनाया।

दरअसल, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह विवाद औपनिवेशिक काल में खींची गई करीब 800 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा और सीमा पर स्थित प्राचीन मंदिरों के अवशेषों को लेकर लंबे समय से चला आ रहा है। इस महीने की शुरुआत में भारत ने 12वीं सदी के शिव मंदिर प्रीह विहेयर से जुड़े संरक्षण ढांचे को नुकसान पहुंचने पर भी चिंता जताई थी और कहा था कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है। भारत ने साफ किया है कि यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।

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