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सीएम योगी के सिंगापुर दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, बोले—‘रुखसती साल में सैर-ए-तजुर्बे पर निकली सरकार’

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, बोले—‘रुखसती साल में सैर-ए-तजुर्बे पर निकली सरकार’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों आधिकारिक दौरे पर सिंगापुर में हैं, जहां वह निवेश और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई अहम बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सिंगापुर के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, श्रम मंत्री और राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करना और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना बताया जा रहा है।

हालांकि, मुख्यमंत्री के इस विदेशी दौरे को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री के दौरे पर तंज कसा। अखिलेश यादव ने अपने बयान में प्रदेश की जल व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सिंगापुर में जल प्रबंधन की व्यवस्था देखकर आना चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा कि “उनके राज में तो पानी की धारा सिर्फ फटी टंकियों या पाइप से ही निकलती है।”

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि यह सरकार का “रुखसती साल” है और मुख्यमंत्री “सैर-ए-तजुर्बे” पर जा रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जब मुख्यमंत्री सिंगापुर की व्यवस्थाएं देखेंगे तो “आंखें फटी की फटी रह जाएंगी।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे की शुरुआत दुनिया के प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स में शामिल जीआईसी (Government of Singapore Investment Corporation) के साथ बैठक से की। उन्होंने जीआईसी के सीईओ लिम चाउ कियात और उनकी टीम से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रण भी दिया।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह दौरा आर्थिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। जहां एक ओर सरकार इसे निवेश और विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में इस दौरे के ठोस परिणाम और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं प्रदेश की सियासत को और गर्मा सकती हैं।

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