मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

CM भगवंत मान की पहल रंग लाई, अनाज उठान तेज करने को केंद्र सहमत

CM भगवंत मान की पहल रंग लाई, अनाज उठान तेज करने को केंद्र सहमत

पंजाब में अनाज भंडारण संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर राज्य में पड़े लाखों टन गेहूं और चावल की उठाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस बैठक के बाद केंद्र सरकार ने पंजाब में जमा 155 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग के लिए विशेष रेल गाड़ियां चलाने पर सहमति दी है, जिससे राज्य में भंडारण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कई महीनों से अनाज की उठाई की रफ्तार बेहद धीमी रही है और औसतन हर महीने केवल 5 लाख मीट्रिक टन अनाज ही उठाया जा रहा था, जिससे मंडियों और गोदामों में भारी दबाव बन गया था। उन्होंने केंद्र से मांग की कि हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन अनाज की उठाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आने वाले रबी विपणन सीजन में खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो।

बैठक के दौरान राज्य सरकार ने आरडीएफ (रूरल डेवलपमेंट फंड) के तहत लंबित 9,000 करोड़ रुपये की राशि जल्द जारी करने की भी मांग उठाई। इसके अलावा नकद ऋण सीमा पर लगने वाली ऊंची ब्याज दरों को कम करने और आढ़तियों से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता से निर्णय लेने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि यदि केंद्र के पास बजट संबंधी सीमाएं हैं, तो राशि किस्तों में जारी की जा सकती है, लेकिन देरी से राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में बढ़ते दबाव को देखते हुए यह निर्णय अहम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि विशेष ट्रेनों के माध्यम से अनाज की तेज उठाई होने से न केवल भंडारण की समस्या कम होगी, बल्कि किसानों को भी समय पर भुगतान और खरीद की सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर अनाज की लिफ्टिंग में तेजी नहीं लाई गई तो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरण बढ़ाकर भी समाधान निकाला जा सकता है, जैसा कोविड-19 के दौरान किया गया था। इससे आम जनता को राहत मिलेगी और अतिरिक्त स्टॉक का उपयोग भी हो सकेगा।

ब्याज दर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक द्वारा वसूली जा रही ब्याज दर भारतीय खाद्य निगम पर लागू दर से अधिक है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। उन्होंने इस पर भी पुनर्विचार करने की मांग की।

कुल मिलाकर, केंद्र और राज्य के बीच इस समन्वय को पंजाब के किसानों, आढ़तियों और मंडी व्यवस्था के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तय योजना के अनुसार अनाज की उठाई होती है, तो राज्य में भंडारण संकट खत्म होगा और कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Share
अगला लेख → संसद परिसर में मोदी-राहुल की मुलाकात, तस्वीरें हुईं वायरल

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *