मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

महंगाई का डबल झटका: गैस के दाम बढ़े, रुपया भी कमजोर

महंगाई का डबल झटका: गैस के दाम बढ़े, रुपया भी कमजोर

देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर, जिसे आमतौर पर ‘छोटू’ कहा जाता है, उसकी कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। जानकारी के अनुसार, इसकी कीमत में करीब 261 रुपये तक का इजाफा हुआ है, जिससे छोटे कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

इसी बीच भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया गिरकर करीब 96.32 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ रहा है और रुपये पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस स्थिति पर कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी निवेशकों (FII) का पैसा तेजी से बाहर जा रहा है। इससे डॉलर की मांग बढ़ रही है और रुपया कमजोर हो रहा है। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में ही करीब 7.5 अरब डॉलर का विदेशी निवेश बाहर गया है, जिससे कुल आउटफ्लो 20 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो रुपया 96 के स्तर से आगे 97 तक भी पहुंच सकता है। वहीं, 94.50 से 94.80 के बीच का स्तर फिलहाल एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, रुपये की गिरावट और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतें मिलकर आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा रही हैं। आने वाले समय में सरकार और रिजर्व बैंक को स्थिति संभालने के लिए नए कदम उठाने पड़ सकते हैं, ताकि महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सके और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा जा सके।

Share This
अगला लेख → जबलपुर क्रूज हादसा: 9 की मौत, बरगी डैम बना ‘मौत का सफर’

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
28°C
Patchy light rain in area with thunder
💧 77% 💨 4 km/h
Dehradun