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बरेली, गाजियाबाद और आगरा में सुरक्षा मॉक ड्रिल, सायरन बजने पर लोगों ने किया अभ्यास

बरेली, गाजियाबाद और आगरा में सुरक्षा मॉक ड्रिल, सायरन बजने पर लोगों ने किया अभ्यास

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने देशभर के विभिन्न शहरों में मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का आयोजन किया, ताकि आम नागरिकों को आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों की मदद करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। इन अभ्यासों के लिए हर शहर में अलग-अलग समय निर्धारित किया गया था। उदाहरण के तौर पर, गाजियाबाद, बरेली और आगरा में रात आठ बजे मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

इन मॉक ड्रिल्स के दौरान तय स्थानों पर विस्फोट जैसे हालात पैदा किए गए और लोगों को सिखाया गया कि ऐसे वक्त में कैसे अपनी और दूसरों की सुरक्षा की जाए। यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य से दिया गया कि यदि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न हो, तो आम लोग घबराएं नहीं और स्थिति को समझदारी से संभाल सकें।

लखनऊ में भी मंगलवार को एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी, जिसमें बच्चों और आम लोगों को हमले की स्थिति में बचाव के तरीके सिखाए गए। इसके अगले दिन, यानी बुधवार को शाम सात बजे एक और मॉक ड्रिल की गई जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी भाग लिया। इस अभ्यास में नागरिकों को यह बताया गया कि हमले के समय कौन-सी जगहें सुरक्षित होती हैं, कहां छिपा जा सकता है, और आग लगने की स्थिति में क्या कदम उठाने चाहिए। साथ ही घायलों की मदद कैसे करनी है, इसका भी अभ्यास कराया गया।

देश के 244 जिलों में ऐसे मॉक ड्रिल्स कराने का निर्णय लिया गया था। इन जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। पहली श्रेणी में 13 अत्यधिक संवेदनशील शहर रखे गए, जिनमें दिल्ली और परमाणु केंद्र शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में राज्यों की राजधानियां, प्रमुख धार्मिक स्थल, एयरबेस और सैन्य छावनियों वाले शहर शामिल थे। तीसरी श्रेणी में 45 ऐसे शहर रखे गए जिन्हें रणनीतिक दृष्टिकोण से कम महत्वपूर्ण माना गया है और जो राज्य की राजधानी नहीं हैं।

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