मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटा, लेकिन आम आदमी को नहीं राहत… समझिए पूरा गणित

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटा, लेकिन आम आदमी को नहीं राहत… समझिए पूरा गणित

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) से जुड़े टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कई अहम फैसले लागू कर दिए हैं। Ministry of Finance द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। हालांकि, इन बड़ी कटौतियों के बावजूद आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत राहत नहीं मिलने वाली है।

सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना और निर्यात को बढ़ावा देना है। नए नियमों के तहत निर्यात किए जाने वाले हाई-स्पीड डीजल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) तय किया गया है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर यह शुल्क शून्य रखा गया है। इससे पेट्रोल निर्यात को प्रोत्साहन मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, विदेशी एयरलाइंस को ईंधन आपूर्ति और निर्यात के मामलों में बेसिक एक्साइज ड्यूटी और कृषि अवसंरचना विकास उपकर (AIDC) से छूट दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय एविएशन सेक्टर को राहत मिल सकती है।

एविएशन सेक्टर के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ATF पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को बढ़ाकर 50 रुपये प्रति लीटर किया गया है, लेकिन राहत के बाद इसकी प्रभावी दर 29.5 रुपये प्रति लीटर रखी गई है। साथ ही आयातित ATF पर अतिरिक्त कस्टम ड्यूटी को भी हटा दिया गया है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों की लागत कम होने की उम्मीद है।

हालांकि, आम जनता के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि टैक्स में इतनी बड़ी कटौती के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं घटेंगे। दरअसल, जब एक्साइज ड्यूटी कम होती है तो इसका सीधा फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को मिलता है। यदि कंपनियां इस बचत को उपभोक्ताओं तक पास नहीं करतीं, तो उनका मार्जिन बढ़ जाता है और उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होती है। पिछले समय में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण इन कंपनियों को नुकसान झेलना पड़ा था, ऐसे में यह राहत उनके घाटे की भरपाई में मददगार मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें केवल टैक्स पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और बाजार की स्थिति पर भी निर्भर करती हैं। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट है कि सरकार के इस फैसले से तेल और एविएशन सेक्टर को जरूर फायदा मिलेगा, लेकिन आम आदमी को तुरंत कोई सीधी राहत मिलने की संभावना कम है।

Share This
अगला लेख → पंजाब सरकार की बड़ी पहल: मुफ्त इलाज से मिली नई जिंदगी

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
27°C
Patchy rain nearby
💧 80% 💨 4 km/h
Dehradun