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अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन, किडनी बीमारी से लंबे समय से थे परेशान

अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन, किडनी बीमारी से लंबे समय से थे परेशान

समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे c का बुधवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे और पिछले करीब दो वर्षों से उनका इलाज चल रहा था।

जानकारी के मुताबिक, पिछले महीने 30 अप्रैल को भी उनकी तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया था, लेकिन मंगलवार देर रात एक बार फिर उनकी तबीयत बिगड़ गई। बुधवार सुबह करीब 5:55 बजे उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

38 वर्षीय प्रतीक यादव राजनीति से दूरी बनाकर रखने के लिए जाने जाते थे। राजनीतिक परिवार से संबंध होने के बावजूद उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा। उनके बड़े भाई अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जबकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं। इसके बावजूद प्रतीक ने हमेशा बिजनेस, फिटनेस और सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता दी।

प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर काफी गंभीर थे और उन्होंने लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से जिम भी शुरू किया था। उन्होंने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और रियल एस्टेट तथा फिटनेस बिजनेस से जुड़े हुए थे। उनके करीबी बताते हैं कि वह अनुशासित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग रहते थे।

जानवरों के प्रति उनका विशेष लगाव भी चर्चा में रहता था। उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नाम से एक संस्था शुरू की थी, जिसके जरिए स्ट्रीट डॉग्स और बेसहारा जानवरों की देखभाल, इलाज और रेस्क्यू का काम किया जाता था। इसके अलावा वह जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे।

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की मुलाकात विदेश में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने साल 2011 में शादी की थी। अपर्णा यादव पहले समाजवादी पार्टी में सक्रिय थीं और 2017 में लखनऊ कैंट सीट से चुनाव भी लड़ चुकी थीं। बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था। पिछले कुछ समय में दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन बाद में दोनों ने सार्वजनिक तौर पर रिश्तों में सबकुछ सामान्य होने की बात कही थी।

प्रतीक यादव के निधन के बाद यादव परिवार, समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके करीबी लोगों में गहरा शोक है। कई राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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