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70 लाख की सुपारी और ‘सिग्नल ऐप’ से लोकेशन… चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा

70 लाख की सुपारी और ‘सिग्नल ऐप’ से लोकेशन… चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच के दौरान कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज कर सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले ही चंद्रनाथ रथ हमलावरों के निशाने पर थे। शुरुआती योजना भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के कारण सफल नहीं हो पाई थी। जांच में सामने आया है कि करीब एक महीने पहले से ही मध्यमग्राम स्थित उनके घर के आसपास से उनकी गतिविधियों, लोकेशन और तस्वीरों की जानकारी जुटाई जा रही थी।

सीबीआई जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों को ‘सिग्नल ऐप’ के जरिए चंद्रनाथ रथ की तस्वीरें, लाइव लोकेशन और हत्या से जुड़े निर्देश भेजे गए थे। एजेंसी का मानना है कि पूरे हत्याकांड की साजिश पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में रची गई थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, बिहार के बक्सर से गिरफ्तार मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य ने पूछताछ में मध्यमग्राम के एक व्यक्ति का नाम लिया है, जिसने कथित तौर पर शूटर्स को लोकेशन और हत्या का आदेश भेजा था। अब सीबीआई की एसआईटी उस संदिग्ध की तलाश में जुटी हुई है, जिसे इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्या के पीछे की असली वजह साफ हो सकेगी।

वहीं बलिया से गिरफ्तार तीसरे आरोपी राज सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह जांच में ज्यादा सहयोग नहीं कर रहा है। फिलहाल तीनों आरोपियों को 23 मई तक सीबीआई हिरासत में भेजा गया है और एजेंसी उनसे लगातार पूछताछ कर रही है।

जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए करीब 70 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। सीबीआई अधिकारियों को घटनास्थल की जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि रथ की हर गतिविधि की जानकारी लाइव लोकेशन के जरिए शूटर्स तक पहुंचाई जा रही थी।

हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी थी या फिर कोई पुरानी रंजिश। सीबीआई का मानना है कि इस साजिश में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। एजेंसी फिलहाल बंगाल में रहकर आरोपियों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

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