मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

हर अस्पताल के लिए नियुक्त करें नोडल अधिकारी, हर शाम होगा निरीक्षण: CM य़ोगी

हर अस्पताल के लिए नियुक्त करें नोडल अधिकारी, हर शाम होगा निरीक्षण: CM य़ोगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय अंतर्विभागीय बैठक में प्रदेश में संचारी रोगों की स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेजों में नये मरीजों की नियमित रिपोर्टिंग की जाए। क्षेत्र के सभी पीएचसी/सीएचसी/जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेजों के लिए जिलाधिकारी द्वारा एक नोडल अधिकारी नामित किया जाना चाहिए। ये नोडल अधिकारी प्रतिदिन शाम को अपने प्रभार वाले अस्पतालों का निरीक्षण करते हैं और व्यवस्था को सुचारू रखते हैं। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रत्येक वर्ष अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर माह में अन्तर्विभागीय समन्वय से विशेष अभियान संचालित किया जाता है। इसका नया चरण आगामी अक्टूबर माह से शुरू होगा। इसमें सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी महत्वपूर्ण है। हमारे मैच अपना इंसेफेलाइटिस नियंत्रण और कोविड प्रबंधन के दो सफल मॉडल हैं, जो संचारी रोग अभियान में हमारे लिए उपयोगी होंगे। आज हर जिले में डेंगू जांच की सुविधा है। संक्रामक रोगों के लिहाज से 15 नवंबर तक का समय हमारे लिए संवेदनशील है।

योगी ने कहा कि हाल के दिनों में गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद जिले डेंगू से प्रभावित हुए हैं. बुलन्दशहर और संबल में भी डेंगू के प्रकोप की स्थिति देखी गई। जबकि बरेली,सीतापुर,शाहजहांपुर,हरदोई,बदायूं,पीलीभीत और संभल मलेरिया से प्रभावित हुए हैं। इसी तरह, प्रयागराज, कानपुर नगर, बाराबंकी, कुशीनगर, संत कबीरनगर, सहारनपुर और बस्ती चिकनगुनिया के प्रति संवेदनशील हैं। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के जिलों में इंसेफेलाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी. 50 हजार बच्चों की मौत हो गई. 2017 में हमने अंतरविभागीय समिति बनाई, सभी विभागों ने मिलकर काम किया। अस्पताल बनें, फसलें बनें, डॉक्टरों की तैनाती हो. साथ ही स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की भी व्यवस्था की गयी. नतीजा यह हुआ कि इस साल 1 जनवरी से 7 सितंबर तक जापानी इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया और मलेरिया से एक भी मौत नहीं हुई है. इस बीमारी ने 4 दशकों तक कहर बरपाया लेकिन हमने 5 साल में इस पर काबू पा लिया। नियंत्रण के बाद हमारा अगला लक्ष्य उन्मूलन है

Share
अगला लेख → Morocco में भूकंप नें मचाई तबाही अब तक 2000 से ज्यादा लोगो क…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *