इस समय पर नही करना चाहिए पितरों का श्राद्ध, जाने क्यों जरूरी होता है पूर्वजों का श्राद्ध करना
पितृ दोष को सबसे बड़ा दोष माना जाता है। कुंडली में का नौवा घर धर्म का होता है। यह भाव पिता का भी माना गया है। यदि इस घर में राहु, केतु और मंगल अपनी नीच राशि में बैठे हों तो यह इस बात का संकेत है कि आपको पितृ दोष है। पितृ दोष के कारण जातक को मानसिक...

