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तेज आंधी में उखड़ी टीनशेड, उसे पकड़ते ही हवा में कई फीट ऊपर पहुंचे युवक

उत्तर प्रदेश के बरेली में बुधवार को आए भीषण चक्रवाती तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज आंधी और बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल गिर पड़े और मकानों को नुकसान पहुंचा। इसी बीच एक दर्दनाक हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बारातघर की टीनशेड को बचाने की कोशिश कर रहे नन्हे मियां तेज हवा के साथ हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नन्हे मियां एक बारातघर में मौजूद थे, तभी अचानक तेज तूफान के कारण टीनशेड उखड़ने लगी। वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन नन्हे मियां टीनशेड को पकड़कर रोकने की कोशिश करने लगे। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकेंड में पूरी टीनशेड उखड़ गई और वह भी उसके साथ कई फीट ऊपर हवा में उठ गए। आसपास मौजूद लोगों ने जब यह मंजर देखा तो मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि तेज हवाओं के बीच टीनशेड अचानक हवा में उड़ जाती है और नन्हे मियां उससे लटके हुए नजर आते हैं। कुछ दूरी पर जाकर वह जमीन पर गिर पड़े। हादसे में उनके हाथ-पैर टूट गए और शरीर में कई गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

तूफान ने सिर्फ शहर ही नहीं बल्कि गांवों में भी भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग हादसों में एक छात्रा समेत चार लोगों की मौत हो गई। भमोरा थाना क्षेत्र के हररामपुर गांव में 12 वर्षीय देवकी बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी तेज हवा के कारण नीम के पेड़ की सूखी टहनी टूटकर उसके ऊपर गिर गई। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देवकी के पिता राजेश चौधरी ईंट-भट्टे पर मजदूरी करते हैं और बेटी की मौत के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में खड़े जर्जर और सूखे पेड़ों को हटाने की मांग की है।

वहीं भमोरा के नितोई गांव में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ। वृद्ध महिला गोमती देवी आंधी और बारिश के दौरान अपने दूसरे घर की ओर जा रही थीं, तभी तेज हवा में उड़कर आई लकड़ी की बल्ली उनके सिर पर आ गिरी। गंभीर चोट लगने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि तूफान के दौरान हालात इतने खराब थे कि लोग घरों से बाहर निकलने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।

तूफान के कारण शहर और देहात के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। सैकड़ों बिजली के पोल गिरने से कई मोहल्लों में घंटों अंधेरा छाया रहा। कई सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी बाधित हुआ। प्रशासन और नगर निगम की टीमें देर शाम तक रास्तों को साफ कराने और बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी रहीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगलवार को भी जिले में तेज तूफान आया था, लेकिन बुधवार का चक्रवाती तूफान उससे कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हुआ। कुछ ही मिनटों में आए इस बवंडर ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। फिलहाल प्रशासन पूरे जिले में हुए नुकसान का आंकलन कर रहा है और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

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