उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम और सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “राम का मतलब ही राष्ट्र है” और भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान राम केवल आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, आदर्शों और राष्ट्र जीवन के मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा ने सदियों से देश को एकता और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार सनातन धर्म है। उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मौजूद साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र निर्माण में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। उनके वक्तव्य को लेकर विभिन्न दलों और संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

