केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि अब बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है और यहां भय का माहौल खत्म हो गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा कि 19 मई 2026 की तारीख बस्तर और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिन के रूप में याद रखी जाएगी।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद की वजह से बस्तर का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा। उन्होंने दावा किया कि जब से छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार बनी है, तब से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को और तेज किया गया। उन्होंने कहा कि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और सरकार आदिवासी इलाकों के विकास पर तेजी से काम कर रही है। गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में डेयरी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जंगलों से मिलने वाले वनोपज का सीधा लाभ आदिवासियों तक पहुंचाने के लिए सरकार नई योजनाएं तैयार कर रही है। अमित शाह के मुताबिक अब बस्तर में विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम शुरू किया जा चुका है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान में केंद्र सरकार का पर्याप्त सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में बीजेपी सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई और अब उसके परिणाम सामने आ रहे हैं।
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बलों की भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों ने अपने सर्वोच्च बलिदान देकर देश को नक्सलमुक्त बनाने में सबसे अहम योगदान दिया है। अमित शाह ने कहा कि यह सफलता सुरक्षा बलों के साहस, रणनीति और लगातार चलाए गए अभियानों का परिणाम है।
इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और राज्य के गृह मंत्री Vijay Sharma भी मौजूद रहे। नेताओं ने बस्तर में विकास योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं।

