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योगी सरकार के 9 साल पर चर्चा, त्रिवेणी मंच से विकास और सुशासन के दावों की पड़ताल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के दूसरे दिन प्रदेश के सुशासन, विकास, संस्कृति और आर्थिक प्रगति पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में हुए बदलावों, निवेश, कानून-व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में और 2017 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ, जिससे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में व्यापक बदलाव देखने को मिला है।

अवनीश अवस्थी ने कहा कि सरकार ने सबसे पहले कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। प्रदेश में पुलिस बल को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर भर्तियां की गईं तथा महिलाओं को पुलिस भर्ती में आरक्षण देकर उनकी भागीदारी बढ़ाई गई। साथ ही आधुनिक तकनीक और संसाधनों के जरिए पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने बताया कि राज्य में माफियाओं और संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। अवैध कब्जों को हटाकर सरकारी जमीनों को मुक्त कराया गया और कई स्थानों पर गरीबों के लिए आवास निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। गैंगस्टर एक्ट के सख्त अनुपालन और कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में गिना गया।

प्रदेश में बढ़ते निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को नई पहचान दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश आज देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बन चुका है और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन भी विकास की नई दिशा तय करेगा।

कार्यक्रम में दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) के संस्थापक एवं अध्यक्ष मिलिंद कांबले ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। उनके अनुसार पहले राज्य की पहचान मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित थी, लेकिन अब उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर तेजी से विकसित हो रहे हैं। उन्होंने ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना को स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

वहीं आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय की निदेशक अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की नियमित मॉनिटरिंग के जरिए विकास योजनाओं को गति दी जा रही है और प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में रोजगार, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से पलायन में कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल माहौल के कारण उद्योगों और विकास परियोजनाओं को नई गति मिली है। किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के लिए संचालित योजनाओं का लाभ भी जमीनी स्तर तक पहुंच रहा है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों और अतिथियों ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल, आर्थिक प्रगति और सुशासन से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। साथ ही मौजूद डिजिटल क्रिएटर्स और प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। ‘त्रिवेणी’ संवाद के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों को लेकर व्यापक विमर्श देखने को मिला।

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