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NEET 2026 में अभेद्य सुरक्षा कवच, पेपर लीक रोकने को 7-लेयर सिस्टम लागू, वायुसेना से पहुंचाए गए प्रश्न-पत्र

पिछले वर्ष पेपर लीक विवाद के बाद चर्चा में रही NEET-UG परीक्षा को लेकर इस बार केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत कर दिया है। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए 7-लेयर सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता, पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्न-पत्रों की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उनकी सुरक्षित डिलीवरी और परीक्षा के बाद ओएमआर शीट्स की वापसी तक हर चरण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इस बार सुरक्षा एजेंसियों, राज्य पुलिस, साइबर सेल और तकनीकी निगरानी तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय किया गया है।

NTA का दावा है कि परीक्षा की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और उम्मीदवारों को निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर रियल-टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग, मल्टी-लेवल एन्क्रिप्शन सिस्टम, बायोमेट्रिक सत्यापन और आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सर्विलांस सिस्टम भी लगाया जा रहा है।

इस बार प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। भारतीय वायु सेना (IAF) की मदद से देशभर के विभिन्न राज्यों में निर्धारित केंद्रों तक सीलबंद प्रश्न-पत्रों की खेप सुरक्षित पहुंचाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, वायु सेना ने 18 प्रमुख स्थानों तक प्रश्न-पत्रों को विशेष सुरक्षा के साथ हवाई मार्ग से पहुंचाया है, जिससे परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत मिलिट्री एयरक्राफ्ट, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, एआई आधारित निगरानी प्रणाली और 5जी जैमर जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की पहचान का बहुस्तरीय सत्यापन किया जाएगा और पूरे परीक्षा परिसर की निगरानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जाएगी।

सरकार और NTA का मानना है कि पिछले वर्षों में सामने आए विवादों से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। परीक्षा से जुड़े हर चरण की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से रियल-टाइम अपडेट प्राप्त किए जाएंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाने वाली NEET-UG 2026 में लाखों छात्र भाग लेने वाले हैं। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसी की कोशिश है कि अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित तथा पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

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