लखनऊ में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गोमती नगर स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 119 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 92 युवक और 27 युवतियां शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिकी नागरिकों, को निशाना बनाकर तकनीकी सहायता, बैंकिंग सेवाओं और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं के नाम पर साइबर ठगी को अंजाम देता था।
यह पूरी कार्रवाई एडीसीपी क्राइम IPS किरन यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात अंजाम दी। पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब गिरोह के संचालकों, विदेशी संपर्कों, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और हवाला नेटवर्क के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही हैं।
इस कार्रवाई के बाद IPS किरन यादव चर्चा में आ गई हैं। वर्ष 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी किरन यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने बीकॉम, एमकॉम और सीए की पढ़ाई की है तथा UPSC 2020 परीक्षा में ऑल इंडिया 392वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया था। इससे पहले भी वह लखनऊ में एसीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर का पूरा नेटवर्क विदेशी नागरिकों को झूठे बहाने से कॉल कर उनसे बैंकिंग और तकनीकी सहायता के नाम पर पैसे ठगने के लिए तैयार किया गया था। फिलहाल सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार कई देशों से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की जांच को और विस्तारित किया जा रहा है।

