लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण को लेकर बड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट कहा कि श्रमिकों से काम लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति और संस्थान को उनका उचित पारिश्रमिक देना ही होगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “काम के बदले दाम देना होगा, नहीं तो सरकार ऐसे लोगों का काम तमाम करेगी।” मुख्यमंत्री ने यह बात राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ के उद्घाटन अवसर पर कही।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से चयनित 75 श्रमिकों में से पांच श्रमिकों को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं, अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरित किए गए तथा प्रयागराज और झांसी के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए “उद्यम प्रदेश” के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 से 2017 तक प्रदेश में लगभग 14 हजार उद्योग स्थापित हुए थे, जबकि वर्ष 2017 के बाद से अब तक 18 हजार से अधिक नए उद्योगों की स्थापना हुई है। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं और युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलने लगा है।
कोरोना महामारी के दौर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश और प्रदेश संकट के दौर से गुजर रहा था, तब कई राजनीतिक दल और नेता निष्क्रिय बने हुए थे। ऐसे समय में राज्य सरकार ने आगे बढ़कर प्रवासी श्रमिकों की मदद की। हजारों बसों के माध्यम से श्रमिकों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया, उनके भोजन और आवास की निःशुल्क व्यवस्था की गई तथा राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था आज भी जारी है और जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा गरीब परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुफ्त राशन की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने दोहराया कि गरीबों के अधिकारों में सेंध लगाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि जेवर (नोएडा) में श्रमिकों के बच्चों के लिए एक नए कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला भी रखी गई है, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों के बच्चों को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि जिन पात्र श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके कार्ड भी जल्द बनवाए जाएंगे ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में श्रमिकों के परिजनों को पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
आवास और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया गया है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और स्वच्छता को बढ़ावा मिला है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिक प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

