श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित हवाई अड्डे पर एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले का खुलासा हुआ है, जहां सीमा शुल्क अधिकारियों ने 110 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में Sri Lanka पुलिस ने 22 बौद्ध भिक्षुओं को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरी यात्रा का आयोजन करने वाले एक अन्य भिक्षु को भी हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई नियमित जांच के दौरान की गई, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया।
जानकारी के अनुसार, यह समूह थाईलैंड की चार दिवसीय यात्रा से लौटकर कोलंबो पहुंचा था। जांच के दौरान पाया गया कि सभी भिक्षुओं के सूटकेस में ‘नकली दीवारों’ के भीतर करीब 5-5 किलोग्राम कुश गांजा छिपाकर रखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह तस्करी बेहद सुनियोजित तरीके से की गई थी, जिसमें सामान के भीतर गुप्त खांचे बनाए गए थे ताकि जांच से बचा जा सके।
पुलिस के मुताबिक, इन भिक्षुओं में कई विभिन्न मंदिरों से जुड़े छात्र हैं, जिन्हें एक व्यक्ति द्वारा प्रायोजित यात्रा पर भेजा गया था। आयोजक ने कथित तौर पर उन्हें बताया था कि वे जो पार्सल ले जा रहे हैं, वे दान सामग्री हैं और एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कोई वाहन इन्हें ले जाएगा। सामान में स्कूल से जुड़े सामान और मिठाइयों के बीच नशीले पदार्थों को छिपाया गया था, जिससे किसी को शक न हो।
जांच एजेंसियों ने जब भिक्षुओं के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें यात्रा के दौरान की तस्वीरें और वीडियो मिले, जिनमें वे सामान्य कपड़ों में नजर आ रहे थे। इससे यह भी जांच का विषय बन गया है कि क्या सभी भिक्षुओं को इस तस्करी के बारे में जानकारी थी या उन्हें अनजाने में इस्तेमाल किया गया।
गिरफ्तार किए गए सभी 22 भिक्षुओं को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए सात दिनों की हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह की संभावना की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि श्रीलंका में हवाई अड्डे के जरिए इतने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों के साथ भिक्षुओं की गिरफ्तारी का यह पहला मामला है। बरामद की गई 110 किलोग्राम गांजा हाल के समय में पकड़ी गई सबसे बड़ी खेपों में से एक मानी जा रही है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है।

