प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश में उनके नेतृत्व और विकास मॉडल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं आईसीएसएसआर फेलो प्रो. संजय सिंह बघेल ने एक विशेष टिप्पणी में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन ने उत्तर प्रदेश में विकास और परिवर्तन की नई गाथा लिखी है। उनके अनुसार, वर्षों तक पिछड़ेपन, अव्यवस्था और विकास की कमी से जूझने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है।
प्रो. बघेल का कहना है कि उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का केंद्र है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस राज्य की संभावनाओं को पहचानते हुए इसे राष्ट्रीय विकास की धुरी बनाने का लक्ष्य रखा। वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया और 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार बनने के बाद विकास योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपराध, माफिया राज, खराब सड़कें, उद्योगों के पलायन और निवेश की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। निवेशक प्रदेश में आने से कतराते थे और आम नागरिक असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर था। लेकिन पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था में सुधार, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था ने प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम किया है।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की संयुक्त विकास रणनीति का प्रभाव प्रदेश के बुनियादी ढांचे में साफ दिखाई देता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं ने प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं ने आधुनिक शहरी परिवहन को नई दिशा दी है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी इस विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण और अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को देश की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के रूप में देखा जा रहा है। अयोध्या में आधुनिक बुनियादी ढांचे, नए हवाई अड्डे, चौड़ी सड़कों और पर्यटन सुविधाओं के विकास से शहर की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। गोरखपुर एम्स सहित कई बड़े चिकित्सा संस्थानों की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। वहीं, केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर लाखों लोगों तक लाभ पहुंचाया गया है।
हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। कुशीनगर, अयोध्या और नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के निर्माण और विकास ने प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। विशेष रूप से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में स्थापित हो रहा उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर भी प्रधानमंत्री मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को मजबूत कर रहा है। इसके अलावा डेटा सेंटर, टेक्सटाइल पार्क, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और औद्योगिक क्लस्टरों के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।
सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख करते हुए प्रो. बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश के लोगों को मिला है। इन योजनाओं ने गरीब, किसान, महिला और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के विकास का जो खाका तैयार किया, उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रभावी प्रशासन के माध्यम से जमीन पर उतारने का कार्य किया। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश देश की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश के पुनर्निर्माण और विकास की यह यात्रा अभी जारी है और आने वाले वर्षों में इसके और भी नए अध्याय लिखे जाएंगे।

