उत्तर प्रदेश के नोएडा में सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार को हिंसक रूप ले बैठा। तीन दिन से जारी यह आंदोलन अचानक उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे नोएडा फेज-2 क्षेत्र में हुई, जहां एक निजी कंपनी के कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस के साथ कहासुनी के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया। पुलिस द्वारा भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया।
उग्र हुए कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया और आसपास के इलाकों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सेक्टर-84 में प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी, जबकि पुलिस की दो गाड़ियों को पलटकर उनमें भी आग लगा दी गई। इसके अलावा सेक्टर-62 में भी प्रदर्शन तेज हो गया, जहां बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए।
बताया जा रहा है कि मजदूर पिछले तीन दिनों से लगातार वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। हाल ही में लागू किए गए लेबर एक्ट के तहत हुई बढ़ोतरी से वे संतुष्ट नहीं थे। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन सोमवार को अचानक हालात बेकाबू हो गए।
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित भीड़ ने इमारतों के शीशे तोड़े, सड़कों पर आगजनी की और पुलिस पर जमकर पथराव किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर शामिल हैं, लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि वेतन से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा। हालांकि, वार्ता के दौरान ही मजदूरों में असहमति साफ नजर आने लगी थी, जिसके चलते प्रदर्शन हिंसक हो गया।
फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, लेकिन प्रशासन हालात को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

